रानीखेत (अल्मोड़ा)। स्कूल में जलापूर्ति ठप रही तो विद्यार्थियों और शिक्षकों ने खुद से छह हजार लीटर क्षमता के भूमिगत टैंक का निर्माण कर लिया। बारिश के पानी को टैंक में एकत्र कर इससे आसानी से विद्यालय की जरूरत पूरी हो रही है। विद्यालय की जल संरक्षण के लिए की गई यह अनूठी पहल चर्चा का विषय बनी है।
रानीखेत नगर से आठ किमी दूर ताड़ीखेत विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय खिरखेत में लंबे समय से जलापूर्ति ठप है। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को जरूरत के लिए पानी उपलब्ध नहीं हुआ तो सभी ने मिलकर खुद समस्या से मुक्ति पाने के लिए कदम बढ़ाया। प्रधानाध्यापिका इमराना की पहल पर सहायक अध्यापक प्रकाश चंद्र के सहयोग से पानी के दैनिक उपयोग से छह हजार लीटर के भूमिगत टैंक का निर्माण किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं ने अपनी क्षमता के अनुरूप सहयोग दिया। छत से बारिश के पानी को टैंक में एकत्र कर इससे विद्यालय की जरूरत पूरी हो रही है। शौचालय आदि में इस पानी के उपयोग के साथ विद्यालय परिसर में रोपे गए 250 से अधिक पौधों की भी पर्याप्त सिंचाई हो रही है।
स्कूल में दो कनेक्शन, एक में भी नहीं आ रहा पानी
रानीखेत। प्रधानाध्यापिका इमराना ने बताया कि स्कूल में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए दो कनेक्शन लगे हैं लेकिन एक में भी पानी नहीं आता। ऐसे में विद्यार्थियों की प्यास बुझाने के साथ ही मिड डे मील पकाने के लिए अपने वाहन से धारे से पानी की व्यवस्था की जा रही है।