उद्यान विभाग के अंतर्गत नेशनल हाॅर्टीकल्चर मिशन कार्यक्रम में पाली हाउस बनाकर सब्जी उत्पादन करने की योजना बजट के अभाव में ठप हो गई है।
इस साल योजना के लिए जिले के 90 काश्तकारों ने आवेदन किया है इसके लिए करीब 85 लाख रुपये के बजट की जरूरत है, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार से इस योजना के लिए धेला भी नहीं दिया है। जिससे काश्तकारों के आवेदन फाइलों में कैद होकर रह गए हैं।
राज्य को सब्जी और फल उत्पादन के क्षेत्र में विकसित करने के लिए तमाम दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल में हालत कुछ और है।
नेशनल हाॅर्टीकल्चर मिशन के अंतर्गत 100 वर्ग मीटर क्षेत्र में पॉलीहाउस बनाकर सब्जी उगाने के लिए 1.21 लाख रुपये की योजना है।
जानकारी के मुताबिक इस योजना के लिए इस साल जिले के 90 काश्तकारों ने आवेदन किया है। आवेदकों में लगभग सभी विकासखंडों के काश्तकार शामिल हैं।
इस योजना में काश्तकार को सिर्फ 20 प्रतिशत बजट खुद खर्च करना होता है। शेष में 50 प्रतिशत केंद्र सरकार से और 30 प्रतिशत राज्य सरकार से अनुदान मिलता है।
90 काश्तकारों को योजना का लाभ दिलाने के लिए करीब 85 लाख रुपये के बजट की जरूरत है। इस बार इस योजना के लिए सिर्फ 23.66 लाख रुपये की योजना स्वीकृत की गई है, लेकिन इतना बजट भी नहीं मिल सका है। जिससे इस साल एक काश्तकार को भी इस योजना का लाभ नहीं मिला है।
उद्यान विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार ने आगे के लिए इस योजना के बजट में भी कटौती कर दी है और नए आवेदनों में केंद्र सरकार से 50 प्रतिशत के बजाय 25 प्रतिशत ही धनराशि मिलेगी। इस हालत में काश्तकारों को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद काफी कम हो गई है।