क्वारब में हाईवे बंद होने की समस्या गंभीर होती जा रही है। इस पर अब सियासत भी गरमाने लगी है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्यमंत्री/अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ के सांसद अजय टम्टा और अल्मोड़ा के कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी में जुबानी जंग छिड़ी हुई है। मंत्री का आरोप है कि कांग्रेस के कारण चार महीने से क्वारब में वैकल्पिक सड़क का निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया है। उल्टा कांग्रेस विधायक सरकार पर दोष मढ़ रहे हैं। सांसद ने विधायक से पूछा कि वैकल्पिक सड़क बनाए जाने से आप इतना खिन्न क्यों हैं, यह जनता को बताएं। यह भी आरोप लगाया कि विधायक क्वारब मामले में जनता को बरगला रहे हैं। विधायक मनोज तिवारी का कहना है कि राज्य मंत्री के बयान से लगता है कि खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे। विधायक ने कहा कि वह तो सिर्फ जनता की समस्याओं को उठा रहे हैं। एमएलए ने कहा कि वह केवल जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठा रहे हैं। यदि इसमें भी सांसद टम्टा को परेशानी है तो इस पर वे आश्चर्यचकित हैं।
क्वारब मामले में जनता को बरगला रही है कांग्रेस: टम्टा
अल्मोड़ा। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्यमंत्री अजय टम्टा ने बुधवार को एक बयान जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि क्वारब सितंबर 2024 में भूस्खलन जोन बन गया था जिसे रोकने के लिए टीएचडीसी और आईआईटी रूड़की के विशेषज्ञों को बुलाया गया। पहाड़ी से गिर रहे मलबे को रोकने के लिए वैकल्पिक मार्ग की भी संभावना देखी गई। विशेषज्ञों ने हिल साइड ट्रीटमेंट और वैली साइड ट्रीटमेंट का सुझाव दिया था। हिल साइड ट्रीटमेंट के लिए 51.37 करोड़ की जबकि वैली साइड के लिए 17.14 करोड़ रुपये की डीपीआर को स्वीकृति दिलाई। वैली साइड का 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। जब इस कार्य में क्रेक आने की बात सामने आई तो उन्होंने उच्च स्तरीय जांच कराने के आदेश दिए हैं। टम्टा का कहना है कि क्वारब की समस्या को देखते हुए डीएम और लोनिवि ने वैकल्पिक सड़क निर्माण का सुझाव दिया। इसके तहत एनएच के समानांतर 1.70 किमी लंबी सड़क और बैली ब्रिज बनाया जाना था। इसके लिए लोनिवि अल्मोड़ा से आगणन मांगा गया था। इसके बाद उन्होंने सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय से 10.23 करोड़ की स्वीकृति दिलाई। इस कार्य को 15 सितंबर 2025 तक पूरा होना था लेकिन कांग्रेस विधायक और कार्यकर्ताओं ने इस सड़क का विरोध किया। निविदा लगाकर कार्य कराने का दबाव बनाया। इसके बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई।
टम्टा ने आरोप लगाए कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए सड़क निर्माण कार्य रुकवा दिया है। उन्होंने कांग्रेस विधायक से पूछा कहा यदि आपको विभागीय प्रक्रिया पर संदेह था तो उसकी तकनीकी जांच करवाते न कि आम जनता के लिए बन रहे वैकल्पिक सड़क का विरोध करते। उन्होंने कहा कि 15 सितंबर तक इस सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं होता या कोई विभागीय कमियां आपकी ओर से उजागर की जातीं तो बेहतर होता।
राज्यमंत्री सड़क दुरुस्त नहीं कर पाने की उतार रहे खीझ : विधायक
अल्मोड़ा। क्वारब मामले में अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन होने के बावजूद मंत्री जी डेढ़ वर्ष बाद भी क्वारब में सड़क का सुधारीकरण नहीं करा पाए हैं। इस कारण उनके लोकसभा क्षेत्र अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ और बागेश्वर की जनता परेशान है। मंत्री होने के बावजूद जो सांसद अपने गृह क्षेत्र में 200 मीटर सड़क को दुरुस्त नहीं करा पाए उससे और क्या उम्मीद की जा सकती है।
विधायक ने पूछा कि क्या मंत्री जी दूसरों पर दोषारोपण करके अपनी लापरवाही से बच सकते हैं। सड़क निर्माण की मांग करने वाली जनता को केंद्रीय राज्यमंत्री अराजक तत्व कह रहे हैं जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
एमएलए ने कहा कि डोबा-चौंसली मोटर मार्ग का लगभग दस करोड़ का काम राज्यमंत्री की ओर से बिना किसी टेंडर के अपने चहेतों को दे दिया गया था जो भ्रष्टाचार का जीता जागता उदाहरण था। इसके लिए उन्होंने आवाज उठाई जो राज्यमंत्री टम्टा को नागवार गुजरी। तिवारी ने कहा कि चाहे उन पर कितने भी आरोप लगाएं, वह जनता की आवाज बुलंद करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस डेढ़ साल से आम जनता, मरीज, व्यापारी, पर्यटक, होटल कारोबारी, टैक्सी संचालक सभी क्वारब में सड़क बदहाली का दंश झेल रहे हैं। सड़क एवं परिवहन राज्यमंत्री सड़क ठीक करवाने के बजाय दूसरों पर दोषारोपण कर रहे हैं।