रानीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत में पंचायत चुनाव के परिणाम सामने आने के साथ ही अब ब्लॉक प्रमुख पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प होने की संभावना है, क्योंकि चार ऐसे विजयी प्रत्याशी मैदान में हैं जिनके पास न केवल राजनीतिक अनुभव है, बल्कि क्षेत्र में मजबूत जनाधार और प्रभाव भी देखा जा रहा है।
कुल 40 सीटों वाले ताड़ीखेत ब्लॉक में बहुमत का आंकड़ा 21 का है। ऐसे में जो पक्ष या गुट अधिक से अधिक क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अपने पक्ष में करने में सफल रहेगा, वही प्रमुख की कुर्सी तक पहुंच पाएगा। इसी समीकरण को ध्यान में रखते हुए संभावित दावेदारों और उनके समर्थकों ने रणनीतिक मुलाकातें शुरू कर दी हैं।
क्षेत्र में अब जोड़तोड़, फोन कॉल, गुप्त बैठकों और राजनीतिक सौदेबाजी का दौर जारी है। पार्टी लाइन से हटकर व्यक्तिगत प्रभाव, पुराने संबंध भी इस समीकरण को प्रभावित करते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों के वरिष्ठ नेता अब स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और अपने-अपने संभावित प्रत्याशियों को जिताने की कोशिशों में जुटे हैं। सियासी गोटियां इस तरह से बिछाई जा रही हैं कि आने वाले दिनों में ताड़ीखेत ब्लॉक प्रमुख का चुनाव महज एक पद का चयन नहीं, बल्कि राजनीतिक शक्ति परीक्षण बन जाएगा।
राजनीतिक पारा चढ़ा, जोड़-तोड़ शुरू
विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों ने अब भाजपा और कांग्रेस दोनों के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। खुद को वीआईपी समझ रहे नव-निर्वाचित सदस्यों को अपने पाले में करने के लिए पैरवी और प्रलोभनों की बारिश शुरू हो चुकी है। अनुमान है कि इस कवायद में पैसे और प्रभाव दोनों का भरपूर इस्तेमाल होगा। कुछ सदस्यों को तो अपने ही परिजनों से दूरी बनानी पड़ रही है ताकि बाहरी प्रभाव से बचा जा सके।
फिलहाल क्या चल रहा है
ताड़ीखेत में जीत दर्ज करने वाले प्रत्याशी अब केवल जनप्रतिनिधि भर नहीं रह गए हैं, बल्कि वे पूरे सियासी समीकरणों के केंद्र में आ खड़े हुए हैं। जिस भी पक्ष या गुट को 21 क्षेत्र पंचायत सदस्यों का समर्थन मिल जाएगा, वही ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर काबिज हो सकेगा। हालांकि अभी तक न भाजपा और न ही कांग्रेस ने किसी एक चेहरे पर आधिकारिक रूप से दांव खेला है। वहीं, यदि चारों प्रमुख दावेदार वास्तव में मैदान में उतरते हैं, तो यह मुकाबला बेहद दिलचस्प और बहुकोणीय हो जाएगा। ऐसे में यह चुनाव सिर्फ शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि रणनीति, नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक पकड़ की असली परीक्षा बनकर उभरेगा।
कौन-कौन हैं प्रमुख दावेदार
सोनी भगत - तौड़ा सीट से जीतीं, पूर्व प्रधान तौड़ा मंजीत भगत की पत्नी
रचना रावत- मकड़ो सीट से जीतीं, पूर्व ब्लॉक प्रमुख ताड़ीखेत हीरा रावत की पत्नी
विमला रावत- ईड़ा सीट से जीतीं, पूर्व जिला पंचायत सदस्य गड़स्यारी धन सिंह रावत की पत्नी
बबली मेहरा - मंगचौड़ा सीट से जीतीं, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य भरत मेहरा की पत्नी