रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। विधायक रानीखेत डॉ. प्रमोद नैनवाल की ओर से दी गई खुली बहस की चुनौती को पूर्व विधायक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस करन माहरा ने स्वीकार करते हुए कहा है कि 23 मई के बाद विधायक उन्हें किसी भी मंच पर बहस के लिए आमंत्रित कर सकते हैं।
दरअसल कुछ दिनों पूर्व उप जिला चिकित्सालय में एनआईसीयू वार्ड के उद्घाटन के बाद से सियासी विवाद गहरा गया है। उद्घाटन के अगले दिन अस्पताल पहुंचे करन माहरा ने वहां लगी मशीनों को पुराना बताते हुए सवाल खड़े किए थे। इसके बाद विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने पत्रकार वार्ता कर कांग्रेस पर विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाया और करन माहरा को खुली बहस की चुनौती दी। अब करन माहरा ने पलटवार करते हुए कहा कि रानीखेत विधानसभा में सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति खराब बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वह इन सभी मुद्दों पर सार्वजनिक बहस के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दोनों नेताओं के बीच बढ़ती सियासी खींचतान से क्षेत्र का माहौल गर्म हो गया है। शहर से लेकर गांव तक इस बहस की चर्चा हो रही है। अब जनता को इंतजार है कि यह सियासी चुनौती मंच तक पहुंचेगी या फिर बयानबाजी के शोर में ही सिमटकर रह जाएगी।