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छात्रों की भीड़ के आगे बेबस हुई पुलिस, पहले परिसर में धरना, फिर मालरोड में लगाया जाम

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एसएसजे परिसर में सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस कर्मी। - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। एसएसजे परिसर छात्र संघ अध्यक्ष दीपक उप्रेती की गिरफ्तारी के विरोध में छात्रों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। एसएसजे परिसर में धारा 144 लागू होने के बावजूद सोमवार को भी छात्र परिसर में एकत्रित हो गए और परिसर और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। बाद में छात्रों ने परिसर से चौघानपाटा तक जुलूस निकाला और जाम लगाया। छात्रों ने छात्रसंघ अध्यक्ष की जल्द रिहाई की मांग करते हुए नारेबाजी की। इस दौरान भारी संख्या में परिसर में मौजूद पुलिस बल भी छात्रों के आगे बेबस दिखाई दिया। बाद में विधानसभा उपाध्यक्ष और एसडीएम ने छात्रों से वार्ता भी की और आश्वासन दिया। इधर मांग पूरी होने तक छात्रों ने धरने से नहीं उठने की चेतावनी दी है।
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शुक्रवार को एसएसजे परिसर में धरना प्रदर्शन के दौरान खुद के साथ ही परिसर निदेशक पर पेट्रोल डालने के आरोप में जेल में बंद छात्र संघ अध्यक्ष दीपक उप्रेती की रिहाई समेत अन्य मांगों को लेकर सोमवार को भी छात्रों का आंदोलन जारी रहा। एसएसजे परिसर में धारा 144 लागू होने के बावजूद छात्र नारेबाजी करते हुए परिसर में पहुंच गए। छात्र संघ अध्यक्ष को जेल भेजे जाने के विरोध में छात्रों ने पहले परिसर में धरना दिया उसके बाद जुलूस निकाल छात्र चौघानपाटा पहुंचे। यहां छात्रों ने मार्ग बंद कर करीब एक घंटे तक जाम लगाया। बाद में चौघानपाटा पहुंचने पर छात्रों ने विधानसभा उपाध्यक्ष से वार्ता की और एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ज्ञापन सौंपा। इसके बाद भी छात्र नहीं रुके और वापस परिसर में धरने पर बैठ गए।
छात्रों ने छात्रसंघ अध्यक्ष की रिहाई, परिसर निदेशक और परिसर बोर्ड तथा कोतवाल को हटाने की मांग की। छात्रों ने पुलिस प्रशासन को कैंपस में नहीं आने देने की भी मांग उठाई।
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छात्र आंदोलन में एबीवीपी के अलावा एनएसयूआई समेत विभिन्न छात्र संगठन शामिल रहे। इस दौरान छात्रसंघ महासचिव नवीन कनवाल, उपाध्यक्ष अरविंद बोहरा, छात्रा उपाध्यक्ष मेघा डसीला, उपसचिव दीपक तिवारी, कोषाध्यक्ष राहुल अधिकारी, पूर्व महासचिव आशीष पंत, अक्षय टम्टा, सोहित भट्ट, आशीष पंत, विनीत बिष्ट, राहुल खोलिया, बृजेश, उज्जवल जोशी , निशा बिष्ट, चित्रा खाती, चंदन गैड़ा के अलावा पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अशोक कनवाल, संदीप जंगपांगी, सुनील बिष्ट, अक्षित पांडे, अक्षय सुयाल, राजेंद्र चंद्र जोशी, राजेंद्र बिष्ट समेत कई छात्र नेता मौजूद रहे। इधर छात्रों ने मंगलवार को भी परिसर बंद करने की चेतावनी दी है।
जल्द होगी जांच
अल्मोड़ा। कुविवि के कार्यपरिषद सदस्य और कुलपति द्वारा गठित जांच समिति के संयोजक अधिवक्ता केवल सती ने कहा कि जल्द ही निष्पक्ष जांच की जाएगी। मामले से संबंधित सभी पक्षों को सुना जाएगा। उन्होंने इस संबंध में तीन दिन के भीतर लिखित बयान उन्हें या जांच समिति के सदस्य विधि विभाग के प्रो. डीके भट्ट को देने को कहा है। उन्होंने कहा कि मामले से संबंधित महत्वपूर्ण लोगों के बयान वह स्वयं लेंगे।
विधानसभा उपाध्यक्ष प्रभारी मंत्री,वीसी, डीआईजी से की वार्ता
अल्मोड़ा। विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने छात्र आंदोलन को लेकर सोमवार को प्रभारी मंत्री धनसिंह, डीआईजी, वीसी और एसएसपी से फोन पर वार्ता की। विधानसभा उपाध्यक्ष ने बताया कि छात्र अपनी मांगों के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं और ऐसे में अपराधियों वाली धाराएं उनके ऊपर लगाना गलत है। उन्होंने बताया कि छात्रों का आंदोलन आश्वासन देने के बाद थम सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया और उनको भड़काया गया। उन्होंने बताया कि कुलपति ने इस मामले में निस्पक्ष जांच करने और जांच पूरी होने तक एसएसजे परिसर में डिप्टी डायरेक्टर का चार्ज किसी अन्य को देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों को भी अनुशासित होकर आंदोलन करना चाहिए।
निदेशक के घर के बाहर सुरक्षा
अल्मोड़ा। छात्र आंदोलन को देखते हुए परिसर निदेशक के घर के आगे सुरक्षा के लिहाज से पुलिस कर्मियों को भी तैनात कर दिया गया है। इधर सोमवार को परिसर निदेशक प्रो. आरएस पथनी अपने कार्यालय में नहीं गए और केमस्ट्री विभाग के कक्ष में बैठे रहे।
भारी संख्या में पुलिस बल रहा मौजूद
अल्मोड़ा। छात्र आंदोलन को देखते हुए एसएसजे परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। जिले के विभिन्न थानों से भी एसएसआई को अल्मोड़ा बुलाया गया। इस दौरान सभी पुलिस कर्मियों के हाथ में डंडा भी था। इससे पहले सोमवार सुबह कोतवाल अरुण कुमार वर्मा ने कोतवाली में सभी पुलिस कर्मियों को ब्रीफ किया।

छात्रों के प्रदर्शन के दौरान लगे जाम में फंसे वाहन।- फोटो : ALMORA

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