जड़ी-बूटी कृषकों के हित गिरवी
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अल्मोड़ा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने जड़ी-बूटियों के दाम तय करने के लिए बाबा रामदेव की फर्म के साथ प्रदेश सरकार द्वारा किए गए एमओयू को रद्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार को स्वतंत्र आयोग बनाना चाहिए, ताकि किसानों के साथ न्याय हो सके। टम्टा यहां पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
टम्टा ने आरोप लगाया कि सरकार ने राज्य में जड़ी-बूटी उत्पादन करने वाले काश्तकारों के हित बाबा रामदेव की फर्म के पास गिरवी रख दिए हैं। भाजपा सरकार ने रामदेव को लाभ पहुंचाने के लिए यह एमओयू किया गया है, जबकि मूल्य निर्धारण सरकार को करना चाहिए।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि डबल इंजन की सरकार जनता के हितों के खिलाफ काम कर रही है। सस्ते गल्ले की दुकानों से चीनी का कोटा बंद कर दिया गया है और अब एपीएल परिवारों को सस्ता राशन नहीं दे रही है। सब्सिडी खाते में आने बात कहकर जनता को गुमराह किया जा रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने संबंधी बयान पर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा राज्य की स्थायी राजधानी देहादून बनाने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार ने हिमालय दिवस घोषित किया है, दूसरी तरफ हिमालय को उजाड़ने का काम कर ही है। पंचेश्वर बांध की खिलाफत करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम हिमालय के साथ धोखा है। कांग्रेस डूब क्षेत्र के गांवों में जनजागरण कर रही है। बांध के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
सीमावर्ती गांवों को पालिका में शामिल करने के विरोध में ग्रामीणों के चल रहे आंदोलन को लेकर पूछे गए सवाल के जबाव में राज्यसभा सासंद प्रदीप टम्टा ने कहा कि इस मुद्दे पर वह जनता के साथ हैं। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, प्रदेश प्रवक्ता बिट्टू कर्नाटक, अमित जोशी, राजेश बिष्ट, इंटक अध्यक्ष दीपक मेहता, पूरन रौतेला, तारा चंद्र जोशी आदि भी मौजूद थे।