भाजपा शासनकाल में अल्मोड़ा नगर के निकट भैंसवाड़ा फार्म में मंजूर आयुष ग्राम खोलने की योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। आयुष ग्राम के लिए भैंसवाड़ा फार्म में सरकार ने आयुर्वेदिक विभाग के नाम पर करीब पांच हेक्टेयर भूमि भी स्थानांतरित कर दी थी, लेकिन इस प्रस्ताव को आज तक शासन स्तर से हरी झंडी नहीं मिल पाई है। जिससे काम आगे नहीं बढ़ सका है।
मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी के कार्यकाल में भैंसवाड़ा फार्म में आयुष ग्राम खोलने की योजना को मंजूरी मिली थी। इस योजना के अंतर्गत आयुष ग्राम में आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी पांचों पद्धतियों का समन्वय करके 60 बैड का अस्पताल भी खोला जाना प्रस्तावित था। इसके लिए आयुर्वेदिक विभाग के नाम पर पांच हेक्टेयर भूमि भी हस्तांतरित कर दी गई थी। योजना के तहत आयुष ग्राम में बाह्य रोगी विभाग, अंतर रोगी विभाग के साथ ही आयुर्वेदिक, यूनानी, होम्योपैथिक, योग, यूनिट, पैथोलॉजी प्रयोगशाला, रेडियोलॉजी विभाग, आकस्मिक उपचार विभाग स्थापित किए जाने थे। साथ ही योग सेंटर की स्थापना, आयुष ग्राम में औषधियां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जड़ी-बूटी कृषिकरण के साथ ही गाय के दूध और गोमूत्र की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जानी थी।
प्रस्तावित आयुष ग्राम शुपालन, वन विभाग, उद्यान, कृषि और अन्य विभागों से समन्वय से स्थापित होना था। जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक भैंसवाड़ा फार्म के अंतिम छोर पर विभाग के नाम पर पांच हेक्टयर भूमि स्थानांतरित हुई है। आयुष ग्राम का प्रस्ताव करीब चार साल से शासन स्तर पर अटका है। देखना है अब भाजपा की नई सरकार इसके लिए क्या करती है।