बेस अस्पताल में लगी सिटी स्कैन मशीन पिछले करीब नौ माह से खराब है। जिले में किसी अन्य अस्पताल में सिटी स्कैन की सुविधा नहीं है जिससे मरीजों को हल्द्वानी जाना पड़ रहा है। मशीन का रखरखाव करने वाली कंपनी को 32 लाख रुपये का भुगतान किया जाना है, लेकिन शासन स्तर से यह धनराशि उपलब्ध नहीं हो पा रही है और संबंधित कंपनी ने भुगतान किए बगैर मशीन को दुरुस्त करने से इंकार कर दिया है। जिससे अल्मोड़ा ही नहीं बागेश्वर और आसपास के अन्य जिलों के मरीज भी सिटी स्कैन के लिए बाहर जाने को मजबूर हो रहे हैं। देखना है प्रदेश की नई सरकार सिटी स्कैन मशीन को कब तक दुरुस्त करवाती है।
जिले के सबसे बड़े बेस अस्पताल में हर रोज करीब 400 से अधिक संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। यहां अल्मोड़ा जिले के अलावा बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ इलाकों से भी लोग इलाज के लिए आते हैं। अस्पताल में लगी सिटी स्कैन मशीन पिछले करीब नौ माह से खराब है। बताया गया कि मशीन को ठीक करने के लिए संबंधित कंपनी को अस्पताल की ओर से करीब 32 लाख रुपये का भुगतान लंबे समय से नहीं किया गया है। जिससे कंपनी ने मशीन को ठीक करने से इंकार कर दिया है।
लोग कई बार अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों से मशीन को दुरुस्त कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इधर बेस अस्पताल के प्रभारी पीएमएस डा.एचएस गड़कोटी ने बताया कि बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण सिटी स्कैन मशीन का रखरखाव करने वाली कंपनी को बहुत लंबे समय से भुगतान नहीं किया जा सका है। जिससे कंपनी ने पुराना भुगतान होने तक मशीन को दुरुस्त करने से इंकार कर दिया है। उन्होंने बताया कि भुगतान के लिए कई बार निदेशालय को पत्र लिखा गया है। जल्द ही एक और पत्र भेजा जा रहा है।