अल्मोड़ा। विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम के समीप स्थित फुलई गांव जल्द फूलों की घाटी के रूप में विकसित होगा। सिंचाई विभाग 15 लाख रुपये की लागत से एक किलोमीटर लंबी सिंचाई नहर को धरातल पर उतारेगा। यहां फूलों की खेती कर रहे किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाएगा तो स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
धौलादेवी विकासखंड के फुलई गांव में दस से अधिक परिवार अपनी जमीनों में गेंदा, गुलाब सहित विभिन्न प्रजातियों के फूलों की खेती करते हैं। लेकिन पौधों की सिंचाई के लिए किसानों को बारिश पर निर्भर रहना पड़ता है। यहां के फूलों को नई पहचान देने के लिए सिंचाई विभाग 15 लाख रुपये से 1.10 किमी नहर का निर्माण करेगा। विभाग को सात लाख रुपये की पहली किस्त भी जारी हो चुकी है। किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचेगा तो उनके खेत रंग बिरेंग फूलों से लहलहाएंगे। सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने से अन्य लोग भी फूल की खेती को आगे आएंगे। इससे फूलाें के कारोबार को भी पंख लगेंगे।
जागेश्वर धाम सहित अन्य मंदिरों के लिए भेजे जाते हैं फूल
प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में विशेष पर्व पर सजावट के लिए फुलई गांव से ही फूलों की आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा चितई सहित कई अन्य मंदिरों के लिए भी यहां से ही फूल जाते हैं। फूलों की खेती से किसानों की आय में भी सुधार हो रहा है। संवाद
कोट
- जिला योजना के तहत नहर का निर्माण किया जाएगा। टैंडर प्रक्रिया पूरी होने पर कार्य शुरू किया जाएगा। इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा।- विशाल प्रसाद, एई, सिंचाई उपखंड, दन्या।