सोमेश्वर/अल्मोड़ा। तहसील सोमेश्वर के सूपाकोट में आयोजित मनरेगा रोजगार शिविर में साफ दिखाई दिया कि लोगों की मनरेगा के कार्य करने में रुचि कम होती जा रही है। गांव में कुल 63 जाॅब कार्ड धारक हैं जिसमें 122 कार्य करने वाले हैं लेकिन शिविर में सिर्फ आठ लोग ही पहुंचे।
शिविर में 8 मई 2024 को अतिवृष्टि के कारण अवरुद्ध गधेरे की निकासी से आसपास के घरों को हो रहे खतरे पर चर्चा हुई। मनरेगा के तहत जल मोड और तटबंध निर्माण की कार्ययोजना के लिए 2,89,408 लाख रुपये स्वीकृत हैं। प्रभावित परिवारों की ओर से रिटायर्ड असिस्टेंट आडिट आफिसर रमेश चंद्र पांडे ने आपदा के इस कार्य को मनरेगा से कराने के लिए दो बार लिखित सहमति हो जाने के बाद भी अभी तक कार्य शुरू नहीं होने पर नाराजगी जताई। अध्यक्षता करते हुए प्रधान मनीषा आर्या ने कहा कि आपदा के उक्त कार्य को नवंबर के आखिरी सप्ताह से शुरू कराया जाएगा। रोजगार शिविर में मांग नहीं आने से एमआर निर्गत नहीं किए जा सके। शिविर में प्रभारी सहायक खंड विकास अधिकारी बीएम गोस्वामी, ग्राम विकास अधिकारी अमित खडाई, जेई करन लोहनी, ग्राम रोजगार सेवक जगदीश लोहनी, ललिता पंत, डीएन उप्रेती, मंयक, दीपा देवी, मंजु देवी, नीरा देवी, राधिका आदि मौजूद रहे।