निर्माण कार्य से निकलने वाली मिट्टी और मलबेे के निस्तारण के लिए प्रशासन द्वारा नगर की सीमा के बाहर डंपिंग जोन निर्धारित किया गया है, लेकिन लोगों द्वारा मौका पाकर वाहनों के जरिए मिट्टी और मलबा सड़क पर जहां-तहां फेंका जा रहा है पर प्रशासन ऐसे लोगों को अंकुश नहीं लग पा रहा है। 130 टास्क फोर्स और छावनी परिषद के प्रयासों से करबला में पार्क तैयार किया गया है, लेकिन इस पार्क के ठीक सामने सड़क पर जगह-जगह मिट्टी और मलबे के ढेर लगाए गए हैं, जो पार्क की सुंदरता को बिगाड़ रहे हैं।
करबला में छावनी परिषद का पार्क जीर्ण-शीर्ण अवस्था में था। सेना की 130 इको टास्क फोर्स और छावनी परिषद के प्रयासों से इस पार्क को सुंदर बनाया गया है। गत पांच जून विश्व पर्यावरण दिवस पर इस पार्क को जनता को समर्पित किया गया। भवाली मार्ग से लगा और जंगल के मध्य स्थित यह पार्क लोगों और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है, लेकिन इस पार्क के ठीक सामने सड़क पर पड़े मिट्टी और मलबे ढेर पार्क को बदरूप कर रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन और लोनिवि इस ओर उदासीन बना हुआ है।
प्रशासन ने निर्माण कार्य से निकलने वाली मिट्टी और मलबे के लिए निस्तारण के शहर की सीमा से दूर डंपिंग जोन निर्धारित किए हैं, लेकिन लोग चोरी छिपे और रात्रि में अंधेरे का फायदा उठाकर सड़कों के किनारे रात्रि में मिट्टी के ढेर लगा रहे हैं। इससे इन स्थानों पर सड़कें भी संकरी बनी हुई हैं और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। शहर की सीमा पर सभी सड़कों में मिट्टी के ढेर पड़े हैं। हालांकि पूर्व में प्रशासन ने जेसीबी मशीन लगाकर इन मिट्टी के ढेरों को समतल किया था, लेकिन इसके बाद भी मिट्टी डालने वाले बाज नहीं आ रहे हैं। इधर नगर व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक वर्मा का कहना है कि शहर में प्रवेश करते पर्यटकों को मलबे के ढेर जगह-जगह दिखते हैं।