अल्मोड़ा। हाथरस दुष्कर्म मामले को लेकर वाल्मीकि समाज के लोगों में रोष है। शनिवार को देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ ने कार्य बहिष्कार करने के साथ ही नगर पालिका परिसर में धरना प्रदर्शन किया। उधर उत्तराखंड वाल्मीकि कल्याणकारी महासभा ने भी प्रदर्शन किया।
शनिवार की सुबह देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने नगर पालिका कार्यालय परिसर में धरना दिया और यूपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि कोरोना काल में वह संक्रमण के बीच अपनी जान की परवाह किए बगैर कार्य कर रहे हैं पर वाल्मीकि समाज की युवती के साथ ही इतना बड़ा मामला सामने आने के बाद उसे न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होने दोषियों को फांसी की सजा देने समेत उच्चाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन करने वालों में प्रदेश महामंत्री राजपाल पवार, महासचिव राजेश टॉक, अध्यक्ष सुरेश केशरी, सतीश कुमार, दीपक कुमार, दीपक सैलानी, राजेंद्र पवार, आनंद सिंह, सागर, रवि कुमार, सन्ना, मुन्नी, लक्ष्मी उषा, मुन्नी, कुसुम, रीना, सुमन देवी आदि कर्मचारी रहे।
उधर उत्तराखंड वाल्मीकि कल्याणकारी महासभा से जुड़े लोगों ने चौघानपाटा में प्रदर्शन किया। लोगों ने यूपी सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि युवती की मृत्यु होने के बाद डीएम, एसपी समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारियों ने परिवार को सूचित किए बगैर युवती का अंतिम संस्कार कर दिया।
संगठन से जुड़े लोगों ने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने हिंदू प्रथा के विरुद्ध युवती का अंतिम संस्कार कर दिया। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश अध्यक्ष एके सिकंदर पवार, जिलाध्यक्ष यशवंत सिम्मल, नगर अध्यक्ष विशाल चंदेल, महासचिव विनय शैलानी, नगर महासचिव प्रदीप कुमार, कोषाध्यक्ष अकाश महिवाल, रिषभ पवार आदि शामिल रहे।