ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस की किल्लत बनी हुई है। कई गांवों में पिछले दो तीन माह से रसोई गैस नहीं पहुंची है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। चितई, सिराड़, बिरोड़ा के ग्रामीणों ने गैस एजेंसी से वितरण व्यवस्था ठीक से करने और जल्द से जल्द प्रभावित जगहों पर रसोई गैस सिलेंडर भेजने की मांग की है।
पिछले कुछ समय से नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस का संकट बना हुआ है। खासकर ग्रामीण इलाकों में काफी लंबे समय से रसोई गैस नहीं पहुंच सकी है। चितई, सिराड़, बिरोड़ा, पिठानी, फलसीमा आदि गांवों में पिछले डेढ़ माह से रसोई गैस का वितरण नहीं हो सका है। चितई तिवारी के प्रधान राजेंद्र बोरा ने आरोप लगाया कि पूर्व में उनकी रसोई गैस चौघानपाटा स्थित गैस एजेंसी से आती थी, जो कि हर माह 21 तारीख को बांट दी जाती थी, लेकिन जब से यह काम धारानौला गैस एजेंसी को दिया गया है तब से रसोई गैस की किल्लत जारी है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में 29 जुलाई को रसोई गैस का वाहन पहुंचा था उसके बाद से क्षेत्र में रसोई गैस का वितरण नहीं हो पा रहा है। जिससे ग्रामीण इलाकों में गंभीर संकट बना हुआ है।
चितई व्यापार मंडल अध्यक्ष मनोज बोरा, बीडीसी मेंबर चंदन रौतेला, चितई पंत प्रधान नरेंद्र कुमार आदि ने कहा कि त्यौहार का सीजन आ रहा है और घर में रसोई गैस की किल्लत बनी हुई है। उन्होंने संबंधित गैस एजेंसी से क्षेत्र में जल्द से जल्द गैस वितरित करने की मांग की है।
उधर हवालबाग विकासखंड के शीतलाखेत क्षेत्र में पिछले डेढ़ माह से रसोई गैस की आपूर्ति नहीं हो पाई है। व्यापार मंडल शीतलाखेत ने गत 10 सितंबर को पं. पंत जयंती पर खूंट पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री डा. धन सिंह रावत के सम्मुख भी यह मुद्दा उठाया था। लेकिन उनके आश्वासन के बाद भी गैस की आपूर्ति नहीं हुई है। शीतलाखेत व्यापार मंडल के अध्यक्ष गणेश पाठक ने अल्मोड़ा गैस एजेंसी के अधिकारियों से क्षेत्र में शीघ्र रसोई गैस की शीघ्र आपूर्ति करने की मांग उठाई है।