रानीखेत (अल्मोड़ा)। चिलियानौला के प्राचीन शिव मंदिर के प्रवेश द्वार के समीप ही पालिका द्वारा सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किए जाने से लोगों में आक्रोश है। कहा कि आस्था के केंद्र मंदिर परिसर में शौचालय का निर्माण होने से जहां धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, वहीं शौचालय के पिट से प्राचीन नौले का पानी भी दूषित होने की आशंका है।
जागरूक स्थानीय नागरिकों ने पालिका ईओ एसडीएम अभय प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा, तत्काल इस निर्माण कार्य पर रोक लगाने और अन्यत्र सार्वजनिक शौचालय बनाने की मांग उठाई। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी गई। लोगों का कहना है कि प्राचीन शिव मंदिर के प्रवेश द्वार के समीप ही सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया जाना गलत है। आस्था के प्रतीक मंदिर के समीप इस तरह के निर्माण कार्य नहीं होने चाहिए।
प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पूजा-अर्चना व जलाभिषेक को पहुंचते हैं। महाशिवरात्रि पर मंदिर परिसर में बड़े मेले का आयोजन होता है। कहा कि जिस स्थान पर शौचालय का पिट बनाया जा रहा है, उसके ठीके नीचे चिलियानौला का प्रचीन नौला है, नौले के पानी का काफी संख्या में लोग नियमित पेयजल का इस्तेमाल करते हैं।
शौचालय के पिट से नौले का पानी भी दूषित होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने मंदिर गेट के समीप शौचालय निर्माण के मामले को लेकर पालिकाध्यक्ष और सभासदों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। ज्ञापन देने वालों में पूर्व प्रधान कवींद्र सिंह कुवार्बी, वीर सिंह कुवार्बी, कुबेर सिंह, दिनेश पंत, हर सिंह, किशन सिंह, दीप उपाध्याय, गीता देवी, देवकी देवी, कमल, महेश, महेश लोहनी आदि शामिल हैं।