पर्यटन नगरी की सड़क के गड्ढे पाटते सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश छाबड़ा।
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तमाम कोशिशों के बाद जब सरकारी तंत्र सड़कों पर बने गड्ढों को भरने में नाकाम रहा तो अब स्थानीय लोग स्वयं पहल में जुट गए हैं। कई समाज सेवक इन दिनों मुख्य बाजार की सड़क में पड़े बड़े बड़े गड्ढों को पत्थर और मिट्टी से भरने में जुटे हुए हैं। उनका यह प्रयास तंत्र को भी आइना दिखा रहा है। इस कार्य में लगे समाज सेवकों ने सरकार के भरोसे न रहकर अन्य लोगों से भी इसमें सहयोग करने की अपील की है।
बता दें कि पर्यटन नगरी में मुख्य बाजार की सड़क सहित कई आंतरिक मोटर मार्ग लंबे समय से बदहाल पड़े हुए हैं। इन सड़कों पर बने एक से डेढ़ फुट लंबे गड्ढों में गिरकर जहां कई दुपहिया वाहन चालक घायल हो रहे हैं, वहीं इससे राहगीरों को भी भारी दिक्कतें हो रही हैं। बारिश के दौरान ये गड्ढे तालाब का रूप ले लेते हैं।
सदर बाजार की सड़क के अलावा जरूरी बाजार, सप्लाई डिपो मार्ग, ठंडी सड़क, पंतकोटली मार्ग की हालत बेहद नाजुक है। इन सड़कों पर कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। अस्पताल को जोड़ने वाला लिंक मार्ग भी खराब पड़ा हुआ है। इधर सरकार और विभाग की तरफ से सुधारीकरण का कार्य शुरू नहीं होने पर सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश छाबड़ा, आनंद अग्रवाल सहित कई लोग पत्थर और मिट्टी आदि से सड़कों के गड्ढे पाटने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पर निर्भरता छोड़ लोग भी इस कार्य में सहयोग करें। यह सड़कें लोनिवि और कैंट क्षेत्र की हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अब आचार संहिता हट चुकी है। सुधारीकरण का कार्य शीघ्र शुरू होगा।