अल्मोड़ा। नगर के नंदादेवी मंदिर के पास स्थित एक व्यक्ति के निजी भूखंड पर बाहरी दुकानदारों के बाजार लगाने का मामला तूल पकड़ गया। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले एकजुट व्यापारियों ने विरोध में बाजार में जुलूस निकाला और नारेबाजी की।
व्यापारियों ने अस्थायी दुकानें उखाड़ने का प्रयास किया। जिस पर दोनों पक्षों में तीखी नोकझाेंक हुई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इधर, मामले में एक पक्ष ने मारपीट का आरोप लगाया है। बाद में पुलिस की मौजूदगी में भूखंड स्वामी ने चार-पांच दिन में अस्थायी बाजार हटाने का आश्वासन दिया। जिस पर व्यापारी बाजार नहीं हटाने पर आंदोलन की चेतावनी देते हुए लौट गए।
नगर के नंदा देवी मंदिर के पास व्यवसायी जय सुभाष वर्मा का एक भूखंड खाली है। इस पर उन्होंने पांच अक्तूबर से एक अस्थायी बाजार लगवाया हुआ है। इसमें हल्द्वानी, बरेली, मुरादाबाद, सितारगंज सहित कई अन्य क्षेत्रों के करीब 12 व्यापारियों ने किराये पर अस्थायी दुकानें लगाई हुई हैं। कई दिनों से इस बाजार को लेकर व्यापारियों में आक्रोश था।
सोमवार को सुबह प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के व्यापारियों की एक बैठक नगर अध्यक्ष अजय वर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में वक्ताओं ने बाहरी व्यापारियों के फड़ बाजार लगाने का विरोध करते हुए उन्हें हटाने की मांग की। इसके बाद सभी व्यापारी जुलूस की शक्ल में सड़कों पर उतर आए और दुकान स्थल पर पहुंच गए। वहां जाकर उन्होंने दुकानों को हटवाना शुरू कर दिया। इस पर दोनों पक्षों में तीखी नोकझाेंक होने लगी। हंगामे की सूचना मिलने पर भूखंड स्वामी जयसुभाष वर्मा भी मौके पर आ गए। उनके साथ भी प्रदर्शनकारियों की तीखी झड़प हुई।
अस्थायी दुकानदारों ने कई लोगों के साथ मारपीट करने का आरोप व्यापारियों पर लगाया जबकि व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने इन आरोपों को निराधार बताया है। व्यापारियों का कहना था कि इस तरह के बाजारों से स्थानीय व्यापारियों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। साथ ही अपराध बढ़ने की भी संभावना हो रही है। हंगामे की सूचना पाकर कोतवाली जगदीश प्रसाद देऊपा के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा तथा दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
व्यापारी बोले, नगर में ऐसे बाजार नहीं लगने देंगे
अल्मोड़ा। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुशील शाह और नगर अध्यक्ष अजय वर्मा ने कहा कि प्रशासन को नगर में ऐसे बाजार नहीं लगने देने चाहिए। चेतावनी दी कि अगर वादे के अनुसार चार-पांच दिन में बाजार को नहीं हटाया गया तो व्यवसायी फिर आंदोलन करेंगे। वहीं, भूखंड स्वामी जयसुभाष वर्मा का कहना है कि वे पहले भी अपने भूखंड पर बाजार लगवाते रहे हैं। हालांकि अब उन्होंने व्यापारियों की मांग मान ली है। लेकिन व्यापारियों को किसी के साथ मारपीट नहीं करनी चाहिए थी। आपस में बात करके मामला सुलझाया जा सकता था।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
जिलाध्यक्ष सुशील साह, महामंत्री भैरव गोस्वामी, संयुक्त महामंत्री दिनेश मठपाल, जिला उपाध्यक्ष मोहन सिंह कनवाल, नगर अध्यक्ष अजय वर्मा, महामंत्री वकुल साह, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष शैलेंद्र तिलारा, अमित साह(मोनू), जगत भट्ट, राहुल वोहरा, सूरज वाणी, ईशु गोस्वामी आदि।
दुकानों के बाहर जगह नहीं देने का किया आग्रह
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडन के पदाधिकारियों ने सभी व्यापारियों से आग्रह किया कि अपनी दुकानों के सामने किसी को भी अस्थायी दुकान लगाने के लिए जगह नहीं दें। लाला बाजार में श्रमिकों की मंडी बनने से रोकने की अपील की।
किसी को भी माहौल खराब नहीं करने देंगे: एसएसपी
एसएसपी देवेंद्र पींचा ने कहा कि व्यापारी कहीं भी दुकान लगा सकता है। किसी को भी उन्हें जबरन हटाने का अधिकार नहीं है। किसी को भी कानून-व्यवस्था नहीं बिगाड़ने दी जाएगी।