अल्मोड़ा। जीआईसी सराईखेत को अटल उत्कृष्ट विद्यालय का दर्जा प्राप्त है लेकिन शिक्षकों की कमी से इसकी उत्कृष्टता पर सवाल उठ रहे हैं। विद्यालय में एक मात्र नियमित प्रवक्ता है जबकि सात पद रिक्त हैं। छात्र-छात्राओं का डॉक्टर, इंजीनियर बनना किसी चुनौती से कम नहीं है।
सराईखेत स्थित जीआईसी को अटल उत्कृष्ट का दर्जा मिलने के बाद विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद जगी थी लेकिन हालत पहले से भी अधिक खराब हो गए हैं। विद्यालय में प्रवक्ताओं के आठ पद स्वीकृत हैं लेकिन हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, शिक्षाशास्त्र, समाजशास्त्र, भूगोल, भौतिक विज्ञान प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। सिर्फ एक विषय में नियमित प्रवक्ता हैं। शिक्षकों की कमी से छात्र-छात्राओं को हिंदी, अंग्रेजी समेत कई विषयों का ज्ञान नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में वे दूसरे विद्यालयों की ओर रुख कर रहे हैं।
प्रधानाचार्य का पद सात साल से रिक्त
अल्मोड़ा। विद्यालय में वर्ष 2022 से प्रधानाचार्य का पद रिक्त है। एक शिक्षक को प्रधानाचार्य का प्रभार दिया गया है। एक साथ दोहरी जिम्मेदारी होने से शिक्षक कक्षाओं में समय नहीं दे पाते हैं। इस कारण कोर्स समय पर पूरा करना किसी चुनौती से कम नहीं होता है।
स्कूल में तीन अतिथि शिक्षकों की तैनाती की गई है। शिक्षकों के रिक्त पदों की सूचना निदेशालय को दी गई है।
अत्रेश सयाना, प्रभारी सीईओ अल्मोड़ा।