जागेश्वर (अल्मोड़ा)। वृद्ध जागेश्वर मंदिर में आज तक कोई पेयजल सुविधा तो दूर यहां मौजूद प्राचीन नौलों की सुध तक नहीं ली जा सकी। इससे यहां गर्मी के सीजन में भीषण पेयजल संकट झेलना पड़ता है। इससे मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं को जल संकट से जूझना पड़ता है।
वृद्ध जागेश्वर मंदिर के समीप काफी पुराने दो नौले मौजूद हैं। कभी पानी से लबालब में भरे रहने वाले ये नौले अब पहचान खो रहे हैं। वजह है कि जलवायु परिवर्तन के असर से इनका जल स्तर काफी गिर चुका है और गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरसाते हैं।
भौगोलिक स्थिति के अनुसार वृद्ध जागेश्वर मंदिर ऊंचाई पर अवस्थित है। इसलिए यहां के लिए अभी तक कोई पेयजल लाइन भी नहीं है। ऐसे में गर्मियों में भारी दिक्कतें पैदा हो जाती हैं। स्थानीय लोग दूर-दूर से इंतजाम करते हैं।