अल्मोड़ा। जिले के छह सरकारी अस्पतालों में स्थापित ऑक्सीजन प्लांटों की सेहत अब भी खराब है। यह ऑक्सीजन प्लांट लंबे समय से खराब हैं। इन प्लांटों की देखरेख और मरम्मत के लिए अल्मोड़ा के सीएमओ ने स्वास्थ्य निदेशालय से 28 लाख रुपये अवमुक्त करने की मांग की थी। कई दिन के बाद भी निदेशालय से बजट स्वीकृत नहीं हो पाया है।
जिला मुख्यालय पर स्थित जिला अस्पताल, राजकीय चिकित्सालय रानीखेत, सीएचसी धौलादेवी, भिकियासैंण, चौखुटिया और सल्ट में कोरोना काल के दौरान अलग-अलग मदों से लाखों रुपये के ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए थे। वर्तमान में सभी प्लांट खराब हैं। रोगियों को यहां ऑक्सीजन की सुविधा नहीं मिल पाती। संबंधित क्षेत्रों के लोगों की मांग के बाद कुछ समय पहले अल्मोड़ा के सीएमओ डाॅ. आरसी पंत ने इन ऑक्सीजन प्लाटों के अनुरक्षण के लिए निदेशालय से करीब 28 लाख रुपये का बजट अवमुक्त करने की मांग की थी। अभी तक स्वास्थ्य विभाग को निदेशालय से यह धनराशि उपलब्ध नहीं हो पाई है। मजबूरी में संबंधित अस्पतालों से कई बार गंभीर रोगियों को रेफर करना पड़ता है।
ऑक्सीजन प्लांटों के अनुरक्षण के लिए धनराशि की मांग की गई है। जैसे ही बजट अवमुक्त होगा, सभी ऑक्सीजन प्लांटों को दुरुस्त कर लिया जाएगा।
डाॅ. आरसी पंत, सीएमओ अल्मोड़ा