रानीखेत (अल्मोड़ा)। तहसील अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र सौनी-देवलीखेत और जालीखान में शराब की दुकानें खोलने को लेकर उभरा आक्रोश शुक्रवार को सड़कों पर फूट पड़ा। शराब की दुकानें खोलने के फैसले के खिलाफ यहां कांग्रेसजनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए गांधी चौक तिराहे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और रानीखेत के विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल का पुतला फूंका।
शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के नगर अध्यक्ष उमेश भट्ट ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद से क्षेत्र में अराजकता, शराब तस्करी और जमीनों पर कब्जे जैसी घटनाएं बढ़ी हैं और अब सरकार शराब के अवैध कारोबार को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी नई दुकानें खोल रही है। महिला नगर अध्यक्ष नेहा माहरा ने कहा कि सरकार को शराब की दुकानों के बजाय शिक्षा और रोजगार पर ध्यान देना चाहिए। ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल सिंह देव ने चेतावनी दी कि यदि शराब की दुकानें निरस्त नहीं हुईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा। धरना, अनशन और घेराव के कार्यक्रम होंगे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित शराब की दुकानें तुरंत निरस्त की जाएं। प्रदर्शन में नगरपालिका चिलियानौला के अध्यक्ष अरुण रावत, कैलाश पांडेय, कुलदीप कुमार, कमलेश बोरा, सुंदर कुवार्बी, मोहन सिंह बिष्ट, ललित मोहन, पंकज जोशी, अंबा पंत, लाखन सिंह फर्तियाल, राजेंद्र बिष्ट आदि मौजूद रहे।
मामले में जिलाधिकारी और जिला आबकारी अधिकारी अल्मोड़ा से दूरभाष पर वार्ता की है। स्थानीय जनता की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा और सौनी-देवलीखेत, जालीखान में शराब की दुकानें नहीं खोली जाएंगी।
— डॉ. प्रमोद नैनवाल, विधायक रानीखेत