रानीखेत (अल्मोड़ा)। पर्यटन और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सोनी-देवलीखेत क्षेत्र में शराब की नई दुकान खोले जाने की भनक लगते ही क्षेत्र के ग्रामीणों का पारा चढ़ गया है। उन्होंने बैठक कर शराब की दुकान खोलने का पुरजोर विरोध किया। इधर, कुछ लोगों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर शराब की दुकान नहीं खोले जाने की मांग की है।
सोनी-देवलीखेत इलाके के ग्रामीणों ने बैठक कर क्षेत्र में शराब की दुकान खोलने के निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताई। कहा कि नशे की प्रवृत्ति बढ़ने से क्षेत्र का माहौल खराब होगा तथा युवाओं में नशा करने की प्रवृत्ति बढ़गी। वहां राम सिंह रावत, गोपाल सिंह, जसवंत सिंह, उमेश रावत, राहुल रौतेला, सुंदर रावत, भूपेंद्र बिष्ट, आनंद बिष्ट, सौरभ बिष्ट समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। दूसरी तरफ क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद को ज्ञापन देकर सोनी-देवलीखेत क्षेत्र में शराब की दुकान नहीं खोलने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रशासक सौनी विक्रम, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख प्रेम अधिकारी, निवर्तमान प्रधान लछी राम, पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह बिष्ट, आनंद उप्रेती, चंदन मेहरा, भुवन गुणवंत, दीपा अधिकारी आदि शामिल रहे।
जालीखान में भी विरोध शुरू
रानीखेत। ताड़ीखेत ब्लॉक के जालीखान क्षेत्र में भी शराब की नई दुकान खोलने की तैयारी का विरोध शुरू हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में कई शिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं। अगर शराब की दुकान खुलती है तो इससे युवाओं में नशे की लत बढ़ सकती है। इसके अलावा क्षेत्र में सतगुरु धाम स्थित है जिसे मुख्यमंत्री ने पौराणिक मंदिरों के पुनर्निर्माण योजना में शामिल किया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल इस प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग की है।