अल्मोड़ा। जिले में बारिश के बाद मलबा और बोल्डर गिरने से चार ग्रामीण सड़कें जबकि पुल टूटने से एक स्टेट हाईवे बंद है। सड़कों पर आवाजाही थमने से 12 हजार से अधिक की आबादी को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। बारिश के बाद मलबा गिरने से चार ग्रामीण सड़कों पर आवाजाही ठप है। 20 से अधिक गांवों का संपर्क कटने से ग्रामीणों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। भूस्खलन के बाद सड़कों पर जगह-जगह मलबा जमा है और वाहनों की आवाजाही थमने से लोग पैदल सफर कर बाजार और इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। गांवों में राशन, सब्जी सहित अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति भी प्रभावित है। लोग मलबे के बीच पैदल आवाजाही कर स्थानीय बाजार पहुंच रहे हैं, तब जाकर पीठ पर सामान ढोकर घर पहुंचा रहे हैं। रानीखेत-खैरना-रामनगर हाईवे पर मोहान के पास पुल टूटने से आवाजाही लंबे समय से ठप है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने कहा कि हाईवे पर पुल का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीण सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई हैं। जल्द सभी सड़कों पर आवाजाही शुरू होगी। संवाद
किन सड़कों पर बंद रही आवाजाही
सौंधार-पनुवाद्यौखन, थला मनराल-भ्याड़ी, चेलछीना-चोपड़ा, मंगलता-त्रिनैली, रानीखेत-खैरना-रामनगर
जिले में बारिश का आंकड़ा (एमएम में)
अल्मोड़ा= 23.2
रानीखेत = 5.8
द्वाराहाट = 14.5
सोमेश्वर = 40.0
ताकुला = 16.0
भैंसियाछाना = 29. 0
शीतलाखेत = 5.5