अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना परिसर में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में कानून विशेषज्ञों ने कहा कि उत्तराखंड में अब विवाह, लिव इन रिलेशन, उत्तराधिकार और भरण-पोषण जैसे मामलों में सभी धर्मों और जातियों के लिए समान कानून लागू होगा।
सोमवार को परिसर के गणित विभाग सभागार में हुए यूसीसी संवाद कार्यक्रम में उच्च न्यायालय के अधिवक्ता चंद्रशेखर सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड यूसीसी कानून लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि इस कानून के प्रभावी होने के बाद कोई भी व्यक्ति लिंग, जाति, धर्म के आधार पर अलग-अलग नहीं होगा।
न्यायिक सदस्य विद्युत नियामक आयोग के अधिवक्ता चामू सिंह घस्याल ने कहा कि यह कानून सभी वर्ग, जाति, धर्म के लिए समानता की बात करता है। उन्होंने विवाह, उत्तराधिकार, भरण पोषण आदि को लेकर इस कानून के प्रावधानों पर चर्चा की।
विधि संकाय के प्रो. डीके भट्ट ने कहा कि विवाह से संबंधित विभिन्न प्रावधान जो पहले किसी न किसी रूप में संदेह के घेरे में थे उन्हें एक पैमाने से तोला जा सकेगा।
कहा कि कोई लिव इन रिलेशन में अवैध रूप से रह रहा है तो उनके बच्चे को तो मान्यता मिल जाएगी लेकिन यदि उन्होंने समय पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो पति-पत्नी का रिश्ता अवैध माना जाएगा।
कार्यक्रम संरक्षक और विवि के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि विवि के छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों को यूसीसी कानून की जानकारी होगी तो वह आसानी से दूसरे लोगों को भी कानून के बारे जागरूक कर सकेंगे।
वहां कला संकायाध्यक्ष प्रो. जगत सिंह बिष्ट, कुलसचिव डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट, संयोजक डॉ. चंद्र प्रकाश फुलोरिया, सह संयोजक डॉ. ललित चंद्र जोशी, प्रो. शेखर चंद्र जोशी, डॉ. दीपक, प्रो रिजवाना सिद्धिकी, डॉ ममता पंत, डॉ बलवंत कुमार, डॉ. माया गोला आदि मौजूद रहे।