पिथौरागढ़/धारचूला। चीन सीमा को जोड़ने वाली टनकपुर-तवाघाट सड़क खुलने से धारचूला की तीनों घाटी दारमा, व्यास, चौंदास के ग्रामीणों के साथ ही सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीण क्षेत्र की 30 सड़कें अभी भी मलबा गिरने, भूस्खलन से बंद पड़ी हैं। इससे ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश थमने से नदियों का जलस्तर भी कम हो रहा है।
क्षेत्र में हुई बारिश के चलते टनकपुर-तवाघाट सड़क दोबाट, एलागाड़, कूलागाड़ पर मलबा, बोल्डर गिरने से बंद हो गई। इससे तीनों घाटियों के ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हिलवेज कंपनी के सीनियर मैनेजर त्रिलोक दानू ने बताया कि शुक्रवार की शाम सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया है। सड़क खुल तो गई है लेकिन बारिश होने पर फिर से मलबा, बोल्डर गिरने का खतरा बना हुआ है। दारमा घाटी को जोड़ने वाली तवाघाट-सोबला-ढाकर सड़क भी बीआरओ ने खोल दी है। दर के लक्ष्मण सिंह दरियाल ने बताया कि सड़क खुलने से ग्रामीणों की आवाजाही बनी हुई है। बुंगबुंग-सिमखोला को जोड़ने वाला 45 फुट लंबा लकड़ी का पुल बह गया था। इससे 50 से अधिक परिवारों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रधान बबीता बुदियाल ने जल्ज पुल का निर्माण किए जाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि लोग नदी में बल्ली के सहारे से आवाजाही कर रहे हैं।
चार दिन बाद खुली थल-मुनस्यारी सड़क
मुनस्यारी/बंगापानी। बनिक पर मलबा और बोल्डर आने से चार दिन से बंद पड़ी थल-मुनस्यारी सड़क पर आवाजाही शुरू हो गई। इससे खाद्यान्न और अन्य सामग्री पहुंचने से लोगों ने राहत की सांस ली है। मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क देवीबगड़ में बंद हो गई है। मंदाकिनी नदी के कटाव से देवीबगड़ खतरे की जद में है। यहां 11 केवी का बिजली पोल भी क्षतिग्रस्त हो गया है। नदी के कटाव से देवीबगड़ में करीब 14 परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। आपदा के चलते देवीबगड़, भौराबगड़ के लोग अपना सामान समेटने में जुटे हैं। मंदाकिनी का जल स्तर इतना अधिक बढ़ गया कि ग्राम सभा वल्थी के तोक रोपाड़ भी खतरे में आ गया। तेज बहाव के चलते नदी भूमि को काटती रही। देवीबगड़ के विजय सिंह राणा, उत्तम राणा, आनंद सिंह पांगती, भूपाल सिंह, चंद्र सिंह कोरंगा, नरेंद्र सिंह, नंदी देवी ने घर और दुकानों को खाली कर अन्यत्र शरण ली है। संवाद
बेलतड़ी गांव के ऊपर पड़ी दरार
मूनाकोट। पिछले दिनों हुई बारिश से बेलतड़ी गांव के ठीक ऊपर पहाड़ी पर 300 मीटर लंबी दरार पड़ गई है। ग्रामीण आपदा के डर से सहमे हुए हैं। ग्रामीण दयाकिशन भट्ट के नेतृत्व में लोगों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा दीवार लगाने और निर्माणाधीन सड़क का एलायमेंट बदलने की मांग की है।