अल्मोड़ा। गर्मी बढ़ने से जिले के ग्रामीण इलाकों में पानी का संकट बढ़ गया है। नलों में पानी नहीं आने से लोग नौले और धारों की दौड़ लगा रहे हैं। तेज धूप में पानी ढोने में लोगों के पसीने छूट रहे हैं।
मंगलवार को रैचना, लमगड़ा, कनरा, छड़ौजा, धौलादेवी, काफलीखान, बाराकूना, गुरना, हवालबाग, भनडोली, ज्यूला, हवालबाग, दिलकोट, दाड़िमी, बिरखम, मेलकांडे, घनेली आदि इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित रही। गर्मी में पेयजल किल्लत से लोग परेशान रहे। लोगों ने तेज धूप में नौले और धारों की दौड़ लगाई। वहां भी लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिला। इधर जल संस्थान के एई वीएस मेहता ने बताया कि प्रभावित इलाकों में टैंकर और पिकअप से पानी वितरित किया गया। टैंकर पहुंचते ही लोग पानी लेने टूट पड़े। संवाद
भीषण गर्मी से कई गांवों के जलस्रोत सूखे
गरुड़ (बागेश्वर)। भीषण गर्मी से विकास खंड गरुड़ के कई गांवों में जल स्रोत सूख गए हैं। पेयजल स्रोत सूखने से ग्रामीण क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है।
गर्मी से अणां, लोहारचौरा, बानणा, फल्याटी, हुनेरा, चनोली, बिनखोली, पचना, उड़खुली, दर्शानी डाक, पथररिया आदि गांवों के जलस्रोत सूख गए हैं। तैलीहाट गांव निवासी दयाल सिंह काला ने बताया गांव के पेयजल स्रोत ककड़धार में वर्तमान में पानी की एक बूंद नहीं है कहा कि ग्रामीण गोमती नदी का पानी पीने को मजबूर हैं। पचना के ग्राम प्रधान प्रकाश कोहली ने बताया गांव के सभी नौले सूख गए हैं। उन्होंने पेयजल निगम और जल संस्थान से टैंकरों से गांव में पानी की आपूर्ति करने को कहा। संवाद