अल्मोड़ा। जिले में पथरी के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। हर आयु वर्ग के लोग इस बीमारी का सामना कर रहे हैं। जिला अस्पताल में हो रही जांच में हर रोज तीन से चार मरीजों में पथरी की शिकायत मिल रही है जिन्हें चिकित्सक ऑपरेशन की सलाह दे रहे हैं। यहां पथरी की जांच तो हो रही है लेकिन ऑपरेशन के लिए लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में मरीज ऑपरेशन कराने के लिए हायर सेंटर की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं।
चिकित्सकों के मुताबिक जिला अस्पताल में हर रोज जांच में तीन से चार मरीज पथरी से ग्रसित मिल रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। यहां जनरल सर्जरी के जरिए पथरी के ऑपरेशन की व्यवस्था है। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की व्यवस्था नहीं है और मरीज जनरल सर्जरी कराने से हाथ पीछे खींच रहे हैं। ऐसे में मजबूरन उन्हें हल्द्वानी, बरेली की दौड़ लगानी पड़ रही है। जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. धीरज राज ने बताया कि अधिकतर मरीज दूरबीन विधि से पथरी का ऑपरेशन कराने में अपनी सहमति जताते हैं। ऐसे में उन्हें हायर सेंटर रेफर करना मजबूरी है।
लेप्रोस्कोपी मशीन लगाने का प्रस्ताव शासन में फांक रहा धूल
अल्मोड़ा। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक यहां मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए यहां लेप्रोस्कोपिक मशीन की जरूरत है। इसका प्रस्ताव शासन में भेजा गया है लेकिन एक साल का लंबा समय बीतने के बाद भी इसे स्वीकृति नहीं मिली है। प्रस्ताव शासन में धूल फांक रहा है और मरीज हायर सेंटर की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं।
जिला अस्पताल में लेप्रोस्कोपी मशीन लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रस्ताव भेजा गया है। मामले में उच्चाधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
डॉ. एचसी गड़कोटी, पीएमएस, जिला अस्पताल, अल्मोड़ा।