पुराणों में भागीरथी नाले को लुप्त सरस्वती माना गया है। गंदगी से लबालब से भरे नाले की व्यथा एक माह पहले विस्तार से उजागर की तो इसकी स्वच्छता के लिए पूर्व डीएम मंगेश घिल्डियाल ने अभियान ही शुरू करा दिया था। उनके नेतृत्व में बड़ी संख्या में विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग सफाई के लिए नाले में उतर जाते थे।
खुद घिल्डियाल बेहिचक कचरा निकालकर बोरों में भरते और उसे वाहन में लदवाते थे।
पिछले दिनों उनका यहां से रुद्रप्रयाग जिले को स्थानांतरण हो गया। इस रविवार को जब लोग सफाई के लिए नाले में उतरे तो उन्हें घिल्डियाल खूब याद आए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान जारी रखा जाएगा। प्रशासन से अभियान में पहले की तरह ही सहयोग की अपील की गई। रविवार भागीरथी की सफाई के लिए विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग नाले में उतरे। उन्होंने नाले में जमी गंदगी, कूड़ा एकत्रित कर निस्तारित किया।
लोगों से कहा कि सरयू की पवित्रता के लिए भागीरथी का स्वच्छ रहना जरूरी है। घरों और दुकानों का कूड़ा और गंदगी किसी भी तरह नाले में न डालेें। गंदगी से बीमारियां भी फैलती हैं। कहा नाले की पूरी सफाई तक अभियान रुकेगा नहीं। इसमें पतंजलि योग समिति, इवल्ड संस्थान, बागनाथ मंदिर प्रबंधन समिति से जुड़े लोगों में जीसी पांडे, आलोक पांडे, भीम सिंह कोरंगा, संजय कुमार, भूपेश कनवाल, रमेश गढ़िया, मोहन सिंह खाती आदि थे।