स्याल्दे (अल्मोड़ा)। स्याल्दे में डोटियाल, लमखा, बाजखेत और चंपानगर को जोड़ने वाले 34 किमी सड़क डामर उखड़ने से लंबे समय से बदहाल बनी हुई है। ऐसे में यात्री खतरे के बीच सफर करने को मजबूर हैं। मांग के बाद भी सड़क पर डामरीकरण नहीं होने से क्षेत्र के लोगो और टैक्सी चालकों में आक्रोश बढ़ने लगा है। बीते वर्ष 26 अक्तूबर को हुए जन आंदोलन के बावजूद अब तक सरकार ने सड़क को सुधारने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है।
सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढे वाहन चालकाें और यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा रहे है। सड़क की बदहाली के चलते गर्भवतियों और मरीजों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने के दौरान दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। टैक्सी चालकों ने कहा कि सड़क की स्थिति खराब होने से वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार ज्ञापन देने और आंदोलन करने के बावजूद सरकार और विभाग लोगों की इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है। चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द सड़क ठीक नहीं हुई तो लोगा सड़क पर उतरेंगे। वहां धनगढ़ी पुल संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुनील टम्टा, पंकज, राजेंद्र रावत, चंदन सिंह, ज्ञान सिंह, हरीश राम, श्याम लाल सहित ग्रामीण मौजूद रहे।