बजट के अभाव में समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धों और विधवाओं को दी जाने वाली पेंशन का पांच माह से भुगतान नहीं हुआ है। जिससे पेंशन से ही गुजारा करने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग को पेंशन देने के लिए 19.50 करोड़ की जरूरत है पर शासन से धन नहीं मिला।
सरकार जरूरतमंद विधवाओं और 60 साल से अधिक के वृद्धों को प्रतिमाह आठ-आठ सौ रुपये पेंशन देती है। इसके लिए ब्लाक से फार्म भरकर समाज कल्याण विभाग में आवेदन करना होता है। जिले में वृद्धावस्था पेंशन के 40100 और विधवा पेंशन के 12478 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। शासन से लाभार्थियों को पेंशन देने के लिए प्रति तिमाही बजट का आवंटन होता है। जरूरतमंद लोग पेंशन से ही किसी तरह गुजारा करते हैं, लेकिन सरकार इन लोगों को समय पर पेंशन भी नहीं दे पा रही है।
चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से सितंबर तक के लिए समाज कल्याण विभाग को शासन से बजट का आवंटन हुआ था। विभाग ने पात्र लाभार्थियों की पेंशन उनके बैंक खातों में डाल दी थी, लेकिन अक्तूबर से अब तक पांच माह के पेंशन के लिए विभाग को बजट ही नहीं मिला है। वृद्धावस्था पेंशन मद में विभाग को 14 करोड़ और विधवा पेंशन मद में 5.50 करोड़ बजट की आवश्यकता है। ताकि सभी लाभार्थियों को पेंशन का वितरण हो सके, लेकिन शासन से विभाग को बजट नहीं मिला है। इधर समाज कल्याण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शासन से पेंशन मद में बजट की मांग की गई है।