जिला अस्पताल अल्मोड़ा में इंतजार करते मरीज।
अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में तीन प्रमुख डॉक्टरों के न होने से मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ा। सबसे ज्यादा मार चर्म (स्किन) और दंत रोगियों पर पड़ी जिन्हें मजबूरन निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ा। इससे उन्हें आर्थिक चपत लगी।
शनिवार की सुबह अस्पताल खुलते ही हवालबाग, धौलादेवी, लमगड़ा, भैसियाछाना, ताकुला समेत दूर-दराज के विकासखंडों से मरीजों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। ओपीडी में 513 मरीज पंजीकरण कराकर डॉक्टरों का इंतजार कर रहे थे। जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. नमन लोहनी को बेस अस्पताल में ड्यूटी पर भेजा गया था। दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. वीके मर्तोलिया अवकाश पर चल रहे थे जबकि दूसरे दंत चिकित्सक डॉ. जगदीश को नागरिक अस्पताल रानीखेत ड्यूटी पर भेजा गया था। एक भी दंत चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को उपचार के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। सरकारी व्यवस्था ठप देख मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ा। वहीं चर्म रोगियों को पांच किमी दूर बेस अस्पताल के चक्कर लगाने पड़े। इधर, लगातार बदलते मौसम का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। अस्पताल में बुखार, सर्दी जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। पीएमएस डॉ. एचसी गड़कोटी ने बताया कि दोनों डॉक्टर शीघ्र जिला अस्पताल में उपलब्ध रहेंगे। मौसम में बदलाव हो रहा है। मरीज सेहत पर ध्यान दें।