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Almora News: हृदय रोग विशेषज्ञ न होने से रोगियों को गंवानी पड़ती है जान

Sun, 08 Mar 2026 11:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
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अल्मोड़ा। जिले में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से मरीजों को दूसरे शहरों की दौड़ लगानी पड़ रही है। इससे कई बार उनकी जान पर बन आती है। बीते दिवस एक महिला को हार्ट अटैक आने पर अस्पताल लाया गया लेकिन विशेषज्ञ न होने का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा।
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अल्मोड़ा में मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज और सरकारी अस्पतालों में एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो सकी है। जिले में हृदय रोगियों को इलाज के लिए महानगरों की दौड़ लगानी पड़ रही है। अल्मोड़ा में सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना करीब 20 से 30 मरीज हृदय रोग के उपचार को आते हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ न होने के कारण उन्हें उपचार के लिए भटकना पड़ता है। फिजिशियन प्राथमिक उपचार कर उन्हें हायर सेंटर रेफर कर देते हैं। बीते शनिवार को भिकियासैंण की शिक्षिका मीना उप्रेती (55) को हार्ट अटैक आने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण लाया गया लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया। एंबुलेंस से उन्हें हायर सेंटर ले जाने से दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

निजी अस्पताल में उपचार की मजबूरी

मरीज यहां से उपचार के लिए हल्द्वानी जाते हैं। हल्द्वानी में भी उन्हें सरकारी अस्पताल में उपचार नहीं मिल पाता है, वजह ये है कि वहां भी सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ नहीं। निजी अस्पतालों में उपचार कराने पर मरीजों का काफी पैसा खर्च हो जाता है। इससे उन्हें आर्थिक तंगी से जूझना पड़ता है।
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कोट

हृदय रोग विशेषज्ञ का पद सुपर स्पेशलिस्ट में आता है। जिले के अस्पतालों इनकी तैनाती नहीं है। फिजिशियन प्राथमिक उपचार करते हैं। - डॉ. प्रवीण कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी अल्मोड़ा
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