अल्मोड़ा। अवकाश के चलते लगातार दो दिन जिले के अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। इससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और अस्पतालों के इमरजेंसी में 250 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचे।
रविवार के साप्ताहिक अवकाश और सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती की छुट्टी के कारण जिले के अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद रहीं। लगातार दो दिनों के अवकाश की वजह से मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिसके चलते अस्पतालों की इमरजेंसी में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
इस दौरान जिला अस्पताल की इमरजेंसी में 150 से अधिक और मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बेस अस्पताल की इमरजेंसी में 120 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें सबसे ज्यादा संख्या बुखार, तेज सिर दर्द, दांत दर्द और घुटनों के दर्द से पीड़ितों की रही। छुट्टी के बावजूद इमरजेंसी में डॉक्टरों ने सभी की जांच की और उन्हें दवाइयां दीं।
इमरजेंसी में आने वाले सभी मरीजों को प्राथमिक उपचार और चिकित्सीय सलाह दी गई। अस्पताल प्रशासन हर स्थिति में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। - डॉ. एचसी गड़कोटी, जिला अस्पताल अल्मोड़ा
ठंड बढ़ते ही बढ़ने लगी मरीजों की भीड़
अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार
बागेश्वर। मौसम में ठंड बढ़ने के साथ ही अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है। सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार की शिकायत लेकर लोग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क की सलाह दी है।
सोमवार को अवकाश के चलते जिला अस्पताल के इमरजेंसी में मरीजों में इजाफा देखने को मिला। जानकारी के अनुसार इमरजेंसी में 80 के करीब 80 मरीज सर्दी, जुकाम के पहुंचे। ठंड बढ़ने के साथ सुबह और शाम के समय लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
मौसम में बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे में लोग उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञ मरीजों को मौसम में बदलाव के बीच लोग सामान्य सर्दी-जुकाम को नजरअंदाज नहीं करने और परेशानी बढ़ने पर चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दे रहे हैं। ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम ठंडी हवा के सीधे संपर्क से बचने और पौष्टिक भोजन लेने, बच्चों और बुजुर्गों को पर्याप्त गर्माहट देने के साथ साफ-सफाई का भी ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है।
उपचार के लिए आ रहे मरीजों का समय से उपचार करना हमारी प्राथमिकता है। मरीजों को बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। - डॉ. गिरिजाशंकर जोशी, सीएमएस, बागेश्वर