अल्मोड़ा। पहाड़ की लाइफ लाइन अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग में क्वारब पर पहाड़ी से मलबा गिरने से वाहनों की आवाजाही रुक-रुक कर हुई। मलबा कीचड़ में तब्दील होने से वाहनों को निकलने में दिक्कतें हुई। कैंची में जाम के कारण पहाड़ के तीन जिलों के यात्री समय पर गंतव्य पर नहीं पहुंच सके।
क्वारब में पहाड़ी से बुधवार को रुक-रुक कर मलबा गिरा। बारिश होने पर मलबा कीचड़ में तब्दील हो गया। कीचड़ में वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। दोनों तरफ से वाहन आमने-सामने आने पर एक तरफ के वाहन को रुकना पड़ा। इससे जाम की स्थिति बनी रही है। यदि तेज बारिश हुई तो यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाएगी। वाहनों को रुक-रुक कर निकाला गया। क्वारब की समस्या और कैंची में लंबा जाम लगने से अल्मोड़ा, बागेश्वर व पिथाैरागढ़ आने जाने वाले यात्रियों को परेशानियों से जूझना पड़ा। जाम के कारण अल्मोड़ा से हल्द्वानी जाने में तीन की बजाए पांच घंटे लगे। हल्द्वानी विलंब से पहुंचने पर कई यात्रियों की ट्रेन छूट गई। यात्री सुनील सिंह ने बताया कि पहाड़ी से मलबा गिरने से आवाजाही के दौरान खतरा बना हुआ है। आवाजाही के दौरान मन में खौफ बना रहता है। पुष्पा देवी ने बताया हल्द्वानी समय पर नहीं पहुंचने से ट्रेन छूट गई। इससे काफी दिक्कतें हुई।
अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ एनएच पर चितई में लगा जाम
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ एनएच पर चितई में जाम लगने से यात्री और श्रद्धालु परेशान रहे। इस मार्ग पर वाहन सड़क पर आड़े तिरछे खड़े रहते हैं। बेतरतीब खड़े वाहनों से चितई में जाम लग गया। इस दौरान दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। इससे यात्रियों को दिक्कतें झेलनी पड़ी। चितई में लोग सड़क किनारे बेतरतीब वाहन पार्क कर देते हैं। कई बार नो पार्किंग जोन में भी लोग वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे मार्ग में आए दिन जाम लगता रहता है। आए दिन जाम लगने से स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटकों को भी परेशानियों से जूझना पड़ता है।