मुझोली में खुली बैठक में भाग लेते ग्रामीण। संवाद न्यूज एजेंसी
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। जंगली जानवरों और बंदरों के आतंक से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। तहसील के सुदूरवर्ती मुझोली गांव की खुली बैठक में बंदरों के आतंक से निजात दिलाने का प्रस्ताव भी पास कर दिया गया है। अब विकासखंड और जिला स्तर पर इस विषय पर चर्चा होगी। ग्रामीणों ने बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा का मुद्दा भी उठाया। सभी के सहयोग से गांव के विकास पर भी चर्चा हुई।
मुझोली गांव में नवनिर्वाचित प्रधान रेनू देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्र आज भी विकास की बाट जोह रहे हैं। मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। पानी की अव्यवस्था है, बिजली आए दिन गुल रहती है। लोग स्वास्थ्य और शिक्षा भी बदहाली का दंश झेल रहे हैं।
सरकार को इस संबंध में सार्थक कार्रवाई करनी चाहिए। बैठक में ग्रामीणों ने बंदरों और सुअरों की समस्या को प्रमुखता से उठाया। कहा कि आतंक के चलते लोग खेती किसानी से विमुख हो रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि ग्रामीण खुद ही इस मसले को लेकर सरकार को चेताने का काम करें। बैठक में नारायण सिंह, नीमा देवी, मंजू परिहार, निर्मला देवी, सहाना बेगम, रमेश राम, विशन सिंह, श्याम सिंह, लछम सिंह, रघुवर सिंह, हरीश राम, दनी राम आदि मौजूद रहे।