यातायात व्यवस्था को सुधारने के लाख दावे हों, लेकिन हकीकत यही है कि इस लाइलाज समस्या ने पर्यटन नगरी की साख पर पूरी तरह से बट्टा लगा दिया है। मुख्य बाजार की सड़क दोनों ओर से बेतरतीब खड़े दोपहिया वाहनों से घिरी रहती है। पुलिस प्रशासन भी इन निरंकुश वाहन स्वामियों को पार्किंग स्थल तक नहीं ले जा पा रही है।
पर्यटन सीजन चरम पर है, लेकिन मुख्य बाजार की दुकानों के आगे बेतरतीब खड़े वाहन यातायात को बाधित कर रहे हैं, केमू स्टेशन से लेकर रोडवेज बस स्टेंड तक यही हाल हैं, सड़क के दोनों तरफ दोपहिया वाहन खड़े रहते हैं, हालात यह हैं कि ग्राहक सामान खरीदने दुकानों के अंदर नहीं घुस पाते। इस अव्यवस्था को सुधारने के लिए पुलिस प्रशासन कई बार बैठकों का आयोजन कर चुका है, लेकिन धरातल पर सुधार नहीं दिख रहा है।
हालांकि बाजार में दोपहिया वाहन पार्किंग स्थल भी बनाए गए हैं, लेकिन पार्किंग स्थलों तक वाहन नहीं पहुंचते। कई कार चालक बाजार में घंटों वाहनों को खड़ा कर चले जाते हैं, जिस कारण जाम की समस्या खड़ी हो जाती है। एक महीने के अंदर दो बार वन वे ट्रैफिक व्यवस्था बदल चुकी है, अब फिर से बाजार में पुराने जैसे ही हालात पैदा हो गए हैं। पर्यटन सीजन में भी अव्यवस्था नहीं सुधारी जा रही है। हालांकि नगर में सीपीयू के आने के बाद बगैर हेलमेट दोपहिया वाहन दौड़ाने वालों पर कुछ हद तक नकेल कसी है, लेकिन मुख्य बाजार में यातायात व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पा रही है।
दुकानों के आगे अधिक देर तक खड़े रहने वाले वाहनों का चालान किया जा रहा है। सड़क पर वाहन खड़े न हों इसके लिए संबंधित विभागों से सड़क पर मार्किंग करने के लिए लिखा गया है, एक बार चिन्हीकरण हो जाए, पुलिस पूरा सहयोग करेगी। एससी जोशी, कोतवाल, रानीखेत।