अल्मोड़ा। कोविड काल में जिले के विधायकों की ओर दी गई विधायक निधि से खरीदे गए खराब रीडिंग देने वाले ऑक्सीमीटरों की प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में जांच की गई। सीडीओ नवनीत पांडे का कहना है कि शुक्रवार को डीएम की अध्यक्षता में होने वाली समिति की बैठक में जांच रिपोर्ट रखी जाएगी। इसी के बाद फैसला लिया जाएगा।
मालूम हो कि विधायक निधि से 22.40 लाख रुपये से चार हजार ऑक्सीमीटर खरीदे गए थे। कोविड काल में ऑक्सीजन लेवल जांचने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को चार-चार ऑक्सीमीटर दिए जाने थे। 25 जून को विधानसभा उपाध्यक्ष व अल्मोड़ा के विधायक रघुनाथ सिंह चौहान ने हवालबाग में आशा कार्यकर्ताओं को सौ ऑक्सीमीटर बांट भी दिए थे। वहीं चौखुटिया में भी ऑक्सीमीटर बांटने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी, लेकिन इसी बीच ऑक्सीमीटरों के गलत रीडिंग की शिकायत मिलने के बाद वितरण रोक दिया गया था। प्रशासन ने बुधवार को बांटे गए सभी ऑक्सीमीटर वापस मंगा लिए थे। बृहस्पतिवार को विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी नवनीत पांडे, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सविता ह्यांकी और मुख्य कोषाधिकारी हेमेंद्र प्रकाश गंगवार की मौजूदगी में इन ऑक्सीमीटरों की जांच शुरू की गई, जो देर शाम तक चली। अब शुक्रवार को डीएम की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में जांच रिपोर्ट को रखा जाएगा। इसके बाद पूरे मामले में फैसला लिया जाएगा।
संलिप्त लोगों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग
अल्मोड़ा। गलत रीडिंग देने वाले ऑक्सीमीटरों की सप्लाई के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सत्ताधारी दल से जुड़े जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ललित लटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री से वार्ता कर मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। संलिप्त लोगों के खिलाफ जान से मारने के प्रयास का मुकदमा भी दर्ज किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार महामारी के दौर में सभी जरूरी संसाधनों की आपूर्ति कर रही है और दूसरी ओर अफसरशाही इस प्रकार के कृत्य में लिप्त है। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक बिना पूछे सरकारी अमले को निधि दे रहे हैं। सरकारी अमला इस प्रकार का सामान मंगवाकर लोगों की जान से खेलने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने खराब ऑक्सीमीटर सप्लाई करने वाली फर्म पर पूरे प्रदेश में प्रतिबंध लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। आरोप लगाया कि कुछ लोग सरकार की छवि बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले का संज्ञान लेकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
कोरोना महामारी के कठिन दौर में विधायक निधि से खरीदकर जिस तरह खराब गुणवत्ता के ऑक्सीमीटर बांटे गए हैं, यह जनता के साथ धोखा है। ऑक्सीमीटर की खरीद की पूरी एक प्रक्रिया है, जिसमें कई महत्वपूर्ण लोग शामिल होते हैं। ऐसे में हर कोई अपनी जिम्मेदारी से बच रहा है। सत्ताधारी दल के विधायक यदि पाक साफ हैं तो उन्हें पूरी प्रक्रिया में लिप्त दोषियों के खिलाफ महामारी एक्ट में मुकदमा पंजीकृत कराना चाहिए। - निर्मल, युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष, अल्मोड़ा
कोविड काल में सरकार ने जनता के साथ मजाक किया है। विधायक निधि से पल्स ऑक्सीमीटर खरीदने में कोई अनियमितता हुई है तो सरकार को मामले की जांच गंभीरता से कराने के साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। -इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष
विधायक निधि से कोरोना काल में स्वास्थ्य उपकरण खरीदने के लिए धनराशि दी गई है। सामान खरीद का अधिकार सीडीओ को दिया गया है। यदि खरीदे गए ऑक्सीमीटरों में खराबी आ रही है तो सरकार कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर ऑर्डर निरस्त करें और सही ऑक्सीमीटर की खरीद सुनिश्चित करें। -गोविंद सिंह कुंजवाल, विधायक जागेश्वर
ऑक्सीमीटरों की खेप में खराबी का मामला बहुत गंभीर है। जनस्वास्थ्य के साथ ऐसा खिलवाड़ बर्दाश्त नही किया जा सकता है। इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कर संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वरना शक की सुई अधिकारियों की तरफ जाएगी। स्वास्थ्य उपकरण खरीदने के लिए विधायकों की ओर से करोड़ों का बजट दिया जा रहा है इसके बावजूद खरीदारी में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखना बड़ी लापरवाही है। अपने क्षेत्र में अभी ऑक्सीमीटर नहीं बंटवाए हैं, पहले गुणवत्ता की जांच करेंगे उसके बाद ही वितरित करेंगे। - करन माहरा, विधायक, रानीखेत।