रानीखेत (अल्मोड़ा)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 40 से 45 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को प्रवेश नहीं मिलने से छात्र-छात्राएं भड़क गए हैं। कहा कि कक्षाओं में प्रवेश नहीं मिलने से छात्र छात्राओं को भविष्य की चिंता सता रही है। जबकि अभ्यर्थी इसी महाविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। प्राचार्य के माध्यम से कुलपति को भेजे ज्ञापन में छात्र-छात्राओं ने उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
ज्ञापन में कहा गया है कि अधिकांश छात्र छात्राएं 40 से 45 फीसदी अंक प्राप्त कर पास हुए हैं, लेकिन महाविद्यालय में उन्हें अगली कक्षाओं में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, जो कि तर्कसंगत नहीं है, जबकि छात्र-छात्राओं ने इसी कालेज से शिक्षा प्राप्त की है। कई बार छात्र संघ के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंप दिए हैं, लेकिन सार्थक कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
छात्र-छात्राओं का कहना है कि गत वर्ष 40 से 45 फीसदी अंक प्राप्त कई छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया गया था। कहा कि कक्षाओं में काफी सीटें रिक्त हैं, प्रतिशत के आधार पर छात्र-छात्राओं से खिलवाड़ करना गलत है। ज्ञापन भेजने वालों में कैलाश बिष्ट, विवेक रावत, कपिल कार्की, गीतिका माहरा, दीपक रावत, चंदन अधिकारी आदि शामिल थे। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य कहते हैं कि डा. चंद्र राम सेमेस्टर सिस्टम लागू हो गया है। विश्वविद्यालय की नियमावली के अनुसार पीजी कक्षाओं में 45 फीसदी से कम अंक प्राप्त विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाना है।