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जिले में जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा 

Thu, 09 Mar 2017 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
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ग्रामीण क्षेत्रों में जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत जिले के ग्रामीण इलाकों में 140 बर्मी कंपोस्ट पिटों के निर्माण के लिए सरकार ने उद्यान विभाग को धनराशि जारी कर दी है। उद्यान विभाग द्वारा चयनित काश्तकारों द्वारा पिटों का निर्माण किया जा रहा है। पिट बनने के बाद बर्मी कंपोस्ट का उत्पादन कर काश्तकार जहां जैविक खेती करेंगे वहीं बर्मी कंपोस्ट का विपणन कर उन्हें आय भी अर्जित हो सकेगी।
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पिछले सालों में पहाड़ी क्षेत्र में भी रसायनिक खादों का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। रसायनिक खादों का प्रचलन कम करने के लिए सरकार ने जैविक खेती को बढ़ावा देने की योजना बनाई। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत सरकार बर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित करने के लिए काश्तकारों को 75 फीसदी सब्सिडी देगी, जबकि यूनिट लगाने में आने वाले खर्चे का 25 फीसदी काश्तकार को स्वयं वहन करना है।


दस फीट लंबे, आठ फीट चौड़े और 2.5 फीट गहरे 200 घन मीटर के बर्मी कंपोस्ट पिट के निर्माण की कुल लागत 33,330 रुपए है। इसके लिए उद्यान विभाग के माध्यम से काश्तकार को 24997 रुपए सब्सिडी मिलेगी, जबकि काश्तकार को 8333 रुपए स्वयं खर्च करने होंगे। 200 घन मीटर में बनने वाले बर्मी कंपोस्ट पिट में तीन माह में लगभग आठ से दस क्विंटल जैविक खाद बनेगी। इससे जहां क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा वहीं काश्तकार जैविक कंपोस्ट की बिक्री कर आय भी अर्जित कर सकेंगे। जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार बर्मी कंपोस्ट पिटों के लिए 35 लाख रुपए विभाग को मिल चुके हैं। 140 काश्तकारों का चयन कर उनसे कंपोस्ट पिट का निर्माण करने को कहा है। चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक बर्मी कंपोस्ट पिटों का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
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