जिलाधिकारी सविन बंसल ने शनिवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। सफाई व्यवस्था और शौचालयों में गंदगी पाए जाने पर जहां उन्होंने नाराजगी जताई वहीं पिछले वर्ष तैयार हुए प्रशासनिक भवन की छत टपकने के मामले में जांच के निर्देश देते हुए कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विकास विभाग से स्पष्टीकरण लेने को कहा। दो डॉक्टरों के देरी से आने और एक डॉक्टर के बिना प्रार्थना पत्र के अवकाश पर रहने पर उनका स्पष्टीकरण लेने के भी निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जिला अस्पताल परिसर में जन औषधि केंद्र खोलने की स्वीकृति भी दी।
जिलाधिकारी ने मरीजों को दी जाने वाली दवाइयों के नाम सुस्पष्ट कैपिटल लैटर में लिखने के निर्देश देते हुए बताया कि 23 जुलाई से दवाई संबंधी विवरण को अनिवार्य रूप से तीन प्रतियों में रखा जाएगा, जो कि मरीज के अलावा फार्मासिस्ट और डाक्टर के पास भी रहेगी। शिकायत पत्र में 27 जून के बाद किसी भी शिकायत का अंकन नहीं होने पर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को प्रत्येक दिन पंजिका का अवलोकन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने रेफर रजिस्टर का अंकन सुस्पष्ट करने समेत गंभीर रोगियों, विकलांगों, वरिष्ठ जनों और प्रसव पीड़ित महिलाओं को पहले प्राथमिकता देने को कहा। लैब टेक्रिशियन, एक्सरे समेत वाहन चालक आदि खाली पदों का विवरण तैयार कर उपनल के माध्यम से पदों को भरने के लिए पत्र भेजने को कहा। मरीजों का हाल-चाल पूछने के दौरान उन्होंने वहां रखे पुराने बैडों को बदलने और स्टूल, रैक आदि में आयल पेंट करने के अलावा अस्पताल के लिए दो नए फिल्टर, आपरेशन कक्ष के लिए ट्राली, मैगनेटेट सीट आदि क्रय करने को भी कहा। इस मौके पर एसडीएम विवेक रॉय, सीएमओ डा. निशा पांडे, प्रमुख चिकित्साधीक्षक डा. आरसी पंत, डा. आरएस साही, डा. पंकज माथुर, डा. बृजेश बिष्ट, प्रशासनिक अधिकारी जेसी पांडे आदि मौजूद थे।