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Almora News: आईएमपीसीएल के निजीकरण का विरोध तेज, उपपा ने दिया समर्थन

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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। आयुष मंत्रालय के अधीन देश की एकमात्र सरकारी आयुर्वेदिक एवं यूनानी औषधि निर्माण इकाई आईएमपीसीएल, मोहान के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में कर्मचारियों का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन को विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है।
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शुक्रवार को उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) की रामनगर इकाई के प्रतिनिधि प्रभात ध्यानी आंदोलन स्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि आईएमपीसीएल केवल एक औद्योगिक संस्थान नहीं बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में इसके निजीकरण के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जयपाल सिंह रावत ने बताया कि निजीकरण के प्रस्ताव को निरस्त कराने के लिए संगठन ने ई-मेल के माध्यम से सभी केंद्रीय मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और सांसदों को ज्ञापन भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का संघर्ष संस्थान के अस्तित्व और हजारों लोगों के भविष्य की रक्षा के लिए जारी रहेगा।
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आंदोलनकारी कर्मचारियों ने केंद्र सरकार से निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल वापस लेने और संस्थान को सरकारी नियंत्रण में संचालित रखने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि आईएमपीसीएल वर्षों से आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देती आ रही है इसलिए इसके संरक्षण और सुदृढ़ीकरण के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
इस अवसर पर उपपा के रोहित, आसिफ और लालमणि आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं कर्मचारी पक्ष से जयपाल सिंह रावत, भाग्यश्री घले, कमला अधिकारी, कमलेश देवी, सीता देवी, सुनीता देवी, भवान सिंह, केसर सिंह, मो. अब्दुल नईम, भूपेंद्र सिंह अधिकारी, कुंदन सिंह मेहरा समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
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