जागेश्वर (अल्मोड़ा)। करोड़ों रुपये की लागत से बनी गैराड़ पंपिंग योजना इन दिनों श्रमिक ऑपरेटर की नाराजगी और पेयजल संकट को लेकर चर्चाओं में है। बताया जा रहा कि वर्ष 2023 से स्थानीय श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। इससे श्रमिक ऑपरेटरों ने भी टैंकों से पानी खोलना छोड़ दिया है।
इसका सीधा असर ग्रामीणों को पड़ रहा है। उन्हें पानी की एक- एक बूंद के लिए तरसना पड़ रहा है। इस दौरान पेयजल संकट की शिकायत पर मौके पर पहुंचे जल निगम के अधिशासी अभियंता दीप चंद्र, जेई पंकज जीना और जल जीवन मिशन के अधीक्षण अभियंता जीत पाल ने गैराड़ पंपिंग के मुख्य स्रोत और पंपिंग सेट सहित सैम मंदिर के पास स्थित मुख्य टैंक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता दीप चंद्र कहा कि कुछ निजी कारणों से सप्लाई बाधित हुई है। जल्द समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
श्रमिक ऑपरेटर की रोज़ी-रोटी का संकट
जागेश्वर (अल्मोड़ा)। महेंद्र सिंह, लाल सिंह, मनोज सिंह, चंदन सिंह सहित अन्य स्थानीय श्रमिकों का कहना है कि दो लाख रुपये से अधिक की मजदूरी अब तक बकाया है। सभी काम छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। इधर ग्राम प्रधान दान सिंह मेहता ने बताया कि ठेकेदार ने कई स्थानीय श्रमिक ऑपरेटरों को भुगतान नहीं किया है। इससे अब कोई भी मजदूर दोबारा काम पर नहीं लौटना चाहता। उन्होंने प्रशासन से भुगतान की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उसका मोबाइल नंबर लगातार बिजी आता रहा।