चौखुटिया के लोग मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिए गए आश्वासनों के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। सीएम के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने आमरण अनशन तो स्थगित कर दिया है लेकिन उनमें मन में संशय बना है कि कही उनके साथ छलावा न हो जाए। ऑपरेशन स्वास्थ्य आंदोलन के तहत राम गंगा आरती घाट पर 60 दिनों से आमरण अनशन किया। आंदोलनकारियों से हुई वीडियो वार्ता में सीएम के आश्वासनों से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उम्मीदों की नई किरण जगा दी है।
लंबे समय से बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं से जूझ रहे चौखुटिया वासियों को अब बदलाव की वास्तविक संभावना दिखाई देने लगी है। पिछले दो माह से जारी आंदोलन ने शासन-प्रशासन का ध्यान उपजिला चिकित्सालय की जर्जर प्रणाली की ओर आकर्षित किया था। इसके बाद हुई वार्ताओं में सरकार ने आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने, विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, उपकरणों की कमी दूर करने और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए समयबद्ध कार्यवाही का भरोसा दिया है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि फिलहाल सरकार के वादों पर भरोसा जताते हुए धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा करेंगे लेकिन 20 दिन के समय सीमा के भीतर ठोस कार्रवाई न होने की स्थिति में फिर से आंदोलन किया जाएगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि सरकार ने वादों को जमीनी हकीकत में बदला तो चौखुटिया क्षेत्र को वर्षों बाद एक सशक्त स्वास्थ्य व्यवस्था मिल सकती है।
गढ़वाल के लोगों को भी मिलेगा लाभ
लोग बोले
सरकार की ओर से सीएचसी चौखुटिया को उप जिला चिकित्सालय बनाकर एक मांग पूरी की है। अब अन्य मांगें पूरी होेने का इंतजार है। चौखुटिया में टेलीमेडिसिन सेवा प्रारंभ होने से राहत मिल रही है।
-विपिन नैलवाल, चौखुटिया
स्वास्थ्य सुविधा के लिए चले आंदोलन ने सरकार को जगाने का काम किया है। अब गेंद सरकार के पाले में है और देखना है कि कब तक सरकार चौखुटिया को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करती है।
महिलाओं को मुख्यमंत्री के आश्वासन पर पूरा भरोसा है। उम्मीद है कि सरकार उप जिला चिकित्सालय चौखुटिया में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करेगी। यही ऑपरेशन स्वास्थ्य की बहुत बड़ी उपलब्धि होगी।
-भगवती देवी, चौखुटिया
60 दिनों तक चले ऑपरेशन स्वास्थ्य को एक उपलब्धि के रूप में देखा जाना चाहिए। सरकार से क्षेत्रवासियों को बहुत उम्मीदें हैं। चौखुटिया को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना सरकार के लिए एक परीक्षा है।