महिला अस्पताल में डाक्टर कक्ष के आगे लाइन में खड़ी महिलाएं।
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सोमवार के दिन अस्पताल में मरीजों संख्या काफी रहती है। यह जानते हुए भी जिला महिला अस्पताल का सारा बोझ संविदा पर तैनात एक वरिष्ठ महिला डाक्टर पर डाल दिया गया। अकेली महिला डाक्टर सुबह से तीन डिलीवरी और करीब 56 मरीजों की जांच कर चुकी थीं। अस्पताल में उपस्थित डॉक्टर अन्य कामों में गए हुए थे। हालत यह रही कि दोपहर बाद अस्पताल में ओपीडी बंद करनी पड़ गई और मरीजों को किसी अन्य दिन आने के लिए बोल दिया गया।
जिला महिला अस्पताल में विशेषज्ञ के तौर पर केवल एक महिला चिकित्साधिकारी तैनात है। लेकिन वह सोमवार को अवकाश में रही। अस्पताल के सीएमएस को कोर्ट पहुंचना था। एक महिला डाक्टर को दूर दराज स्वास्थ्य शिविर में ड्यूटी के लिए भेजा गया। कुछ दिन से अस्पताल में महिला मरीजों की जिम्मेदारी संभाल रहीं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीति पंत जिला प्रशासन की बैठक में गई हुई थीं। अस्पताल में मरीजों को देखने का जिम्मा केवल संविदा डाक्टर के हवाले कर दिया गया।
वरिष्ठ महिला डाक्टर ऊषा उप्रेती ने इस दौरान करीब 56 महिला मरीजों को तो देखा ही तीन डिलीवरी भी कराई और इसके अलावा अस्पताल में भर्ती महिलाओं की जानकारी भी ली। भीड़ बढ़ने लगी तो दोपहर में ओपीडी काउंटर को फिलहाल बंद कर दिया गया। हालांकि दोपहर बाद बच्चों की डाक्टर अस्पताल पहुंच गईं थी और उन्होंने भी मरीजों को देखना शुरू किया। इधर बेस अस्पताल से अटैच तीन डाक्टरों में से दो अवकाश पर हैं। इधर सीएमएस डॉ. दीपक गर्ब्याल ने बताया कि एक डाक्टर बैठक में और एक शिविर में गई हुईं थी। और वह खुद कोर्ट में हैं। इस वजह से सोमवार को काफी दिक्कत रही। डाक्टरों की कमी के बारे में प्रशासन और विभाग को कई बार बता दिया गया है।
जिला और बेस अस्पताल में उमड़ी मरीजों की भीड़
अल्मोड़ा। जिला और बेस अस्पताल में सोमवार को मरीजों की अच्छी खासी तादात रही। जिला अस्पताल में ही दोपहर तक 475 से अधिक ओपीडी हो चुकी थी। यही हाल बेस अस्पताल का भी रहा। जिला अस्पताल में बच्चों के डाक्टर नहीं होने से बीमार बच्चों को दिखाने के लिए लोग काफी परेशान दिखाई दिए।