शिकायत के बाद मेरा गांव मेरी सड़क योजना का स्थलीय निरीक्षण करते डीडीओ।
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मनरेगा के तहत मेरा गांव-मेरी सड़क योजना में एक किमी सीसी मार्ग का कार्य स्वीकृति मिलने के दो साल बाद भी पूर्ण नहीं होने के बाद बृहस्पतिवार को जिला विकास अधिकारी मो. असलम ने उक्त सड़क का निरीक्षण किया और खंड विकास अधिकारी को सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ काम समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कार्य को पूरा करने के लिए मजदूरों की संख्या बढ़ाने को भी कहा।
मामला भैसियाछाना ब्लॉक के ग्राम पंचायत पल्यूूं की एक किमी सीसी मार्ग का है। ग्राम पंचायत पल्यूं के डाना गोलू मंदिर से दियारकूना तक एक किमी सीसी मार्ग स्वीकृत हुआ था। ग्रामीणों का आरोप है कि दो साल बाद भी सड़क का काम पूरा नहीं हुआ और अभी तक लगभग 50 मीटर खड़ंजा ही बन सका है। जिसमें सीमेंट, सरिया आदि का प्रयोग नहीं हुआ, जबकि योेजना के लिए सरकार द्वारा 35 लाख रुपये स्वीकृत भी किया जा चुका था। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में अनियमितता और देरी को लेकर विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान को ज्ञापन दिया था।
विधानसभा उपाध्यक्ष ने मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी को निर्देशित भी किया था। जानकारी मिलने के बाद अमर उजाला ने भी इस खबर को प्रमुखता से उठाया था। बृहस्पतिवार को जिला विकास अधिकारी ने निरीक्षण किया और ग्रामीणों की शिकायत का हवाला देते हुए मौके पर खंड विकास अधिकारी तथा ग्राम प्रधान को सड़क निर्माण में देरी का कारण पूछा।
ग्राम प्रधान पल्यूं कमल पांडे ने बताया कि मनरेगा की 175 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी में काम करने को कोई भी मजदूर तैयार नहीं हो रहा है और प्रर्याप्त संख्या में मजदूर नहीं मिल पाने से भी कार्य धीमा हो रहा है। डीडीओ ने खंड विकास अधिकारी को मजदूरों की संख्या बढ़ाने और सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी केएल आर्या, मनरेगा जेई गोकुल बिष्ट, ग्राम विकास अधिकारी संतोष कुमार आदि लोग मौजूूद थेे।