अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के चलते शनिवार को स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा गईं। एक चिकित्सक के अवकाश पर रहने और दो अन्य के कैंप ड्यूटी पर जाने के कारण दूर-दराज से आए मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ा। सरकारी व्यवस्था समय पर नहीं मिलने के कारण कई मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा जिससे उनकी जेब ढीली हुई। वहीं कुछ मरीज पांच किलोमीटर दूर बेस अस्पताल जाने के लिए मजबूर हुए जिससे उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
शनिवार को जिला अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. नमन लोहनी अवकाश पर थे। राहत की उम्मीद में मरीज जब बेस अस्पताल पहुंचे तो वहां भी कोई चर्म रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं मिला। इस कारण त्वचा संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को महंगे निजी क्लीनिकों में इलाज कराना पड़ा।
इसके अलावा नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जीवन मपवाल कैंप ड्यूटी पर गए हुए थे जिसके चलते आंखों के मरीजों को भी बैरंग लौटना पड़ा या दूसरे अस्पतालों के चक्कर काटने पड़े।
अस्थि रोग विभाग की बात करें तो यहां तैनात दो चिकित्सकों में से डॉ. अविनाश कैंप ड्यूटी पर थे हालांकि डॉ. पीके मेहता ने ओपीडी में रहकर मरीजों को देखा और राहत दी। शनिवार को अस्पताल की ओपीडी में कुल 550 मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे जिनमें से अधिकांश बुखार, पेट दर्द, खांसी और जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों से पीड़ित थे।
मरीजों की जुबानी, अस्पताल की अव्यवस्था की कहानी
हाथ में तेज खुजली की समस्या थी। उपचार के लिए सुबह ही जिला अस्पताल पहुंच गया था लेकिन यहां आकर पता चला कि चर्म रोग विशेषज्ञ छुट्टी पर हैं। मजबूरी में निजी अस्पताल जाना पड़ा, जहां काफी पैसा खर्च हो गया। - मनोज त्रिपाठी, निवासी अल्मोड़ा
- कई दिनों से आंखों में तेज दर्द हो रहा था। बड़ी उम्मीद लेकर जिला अस्पताल आया था लेकिन यहां आकर जानकारी मिली कि डॉक्टर साहब कहीं दूसरी जगह ड्यूटी पर गए हैं। अस्पताल की इस अव्यवस्था के कारण बहुत परेशानी झेलनी पड़ी। - दिनेश सिंह, निवासी, अल्मोड़ा
कोट
- चर्म रोग विशेषज्ञ वर्तमान में अवकाश पर हैं जबकि नेत्र रोग और अस्थि रोग विशेषज्ञ कैंप ड्यूटी पर गए हुए हैं। सोमवार से सभी चिकित्सक जिला अस्पताल में अपनी सेवाएं देने के लिए नियमित रूप से उपलब्ध रहेंगे। - डॉ. एचसी गड़कोटी, पीएमएस, जिला अस्पताल, अल्मोड़ा