राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के प्रदेश मैनेजर को बिना पूर्व नोटिस को हटाने का राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन(एनएचएम) के अंतर्गत संविदा पर तैनात डाक्टरों और कार्मिकों ने खिलाफत की है। संविदा कार्मिकों ने सामूहिक अवकाश पर रहकर पांडेखोला में दीनदयाल पार्क में बांह पर काले फीते बांधकर विरोध जताया। आकस्मिक सेवाओं को बहिष्कार से छूट थी। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, जननी सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना आदि कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। एनएचएम के तहत जिले में 20 संविदा डाक्टर पीएचसी और सीएचसी में तैनात हैं। इसके अलावा 15-15 स्टाफ नर्स और फार्मेसिस्ट तैनात हैं। प्रदेश मैनेजर को हटाने के विरोध में जिले में तैनात इन कार्मिकों ने बांह पर काले फीते बांधकर विरोध जताया।
दीनदयाल पार्क में बैठक कर वक्ताओं ने कहा कि 19 सितंबर को मुख्यमंत्री ने एनएचएम महासंघ के अधिवेशन में घोषणा की थी कि नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी संविदा कर्मचारी को नहीं हटाया जाएगा। इसके बावजूद मिशन के निदेशक ने स्टेट आरबीएसके स्टेट मैनेजर को पद से हटा दिया है जो अनुचित है। कार्यक्रम के तहत संविदा कर्मचारी आज सामूहिक अवकाश पर रहे। उन्होंने स्टेट मैनेजर को काम पर वापस लेने की मांग की। विरोध जताने और सीएमओ को ज्ञापन सौंपने वालों में संगठन के अध्यक्ष डा. विशाल शर्मा, उपाध्यक्ष दीपक भट्ट, कोषाध्यक्ष योगेश जोशी, दयाल कुमार आर्या, तरुण लोहनी, संदीप कुमार आदि शामिल थे।