अल्मोड़ा। नैनीताल बैंक लिमिटेड की अल्मोड़ा शाखा में उसके संबद्ध अधिकारियों पर संगठित आपराधिक षडयंत्र करने और जालसाजी से लोन के दस्तावेज में फर्जी हस्ताक्षर कर साक्ष्य नष्ट करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने इस मामले में कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बुधवार को कालीमठ कसारदेवी अल्मोड़ा निवासी कमला जोशी ने थाने पहुंचकर तहरीर दी। कहा कि नैनीताल बैंक लिमिटेड के अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग कर सुनियोजित एवं संगठित तरीके आपराधिक षड्यंत्र किया है। इससे उनके परिवार और गारंटरों को गंभीर आर्थिक मानसिक और सामाजिक क्षति हुई है। बताया कि चार अक्तूबर 2024 को उन्हें बैंक से विधिवत तरीके से 1:30 करोड़ का लोन स्वीकृत हुआ था। आरोप लगाया कि बैंक अधिकारियों ने उनकी जानकारी और सहमति के बिना इस ऋण को बदलकर 98 लाख के कैश क्रेडिट लोन में बदल दिया। उनके नाम पर 12 लाख का एक अतिरिक्त टर्म लोन दिखा दिया जिसे उन्होंने कभी न मांगा और न ही स्वीकार किया। बैंक के कर्मचारियों ने लोन में फर्जी हस्ताक्षर और जालसाजी कर 12 लाख के कथित लोन से संबंधित उन्हें दो अलग-अलग सैक्शन कॉपी दी। कर्मचारियों ने उनके दस्तावेज से छेड़छाड़ करते हुए साक्ष्य नष्ट करने के उद्देश्य से फरवरी 2025 में ऑडिट का बहाना बनाकर उनसे और गारंटरों से जबरन हस्ताक्षर करवाए। इसके बाद पुराने मूल दस्तावेज हटाकर नए दस्तावेज रख दिए गए। इसके अलावा उनकी अनुमति के बिना पांच लाख रुपये किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिए। कहा कि उन्होंने किसी भी चेक में हस्ताक्षर नहीं किए थे। इसके बावजूद यह लेन-देन किया गया। वहीं, कोतवाल योगेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि तहरीर के आधार पर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।