जंगल की आग में जिंदगी जाने का सिलसिला थम नहीं रहा। ताजा मामला भनोली तहसील के सिरगांव का है। यहां मां के साथ घर के पास ही बकरी चराने गए पांच साल के मासूम बच्चे की जंगल की आग में झुलसने से मौत हो गई। इससे पूरे गांव में शोक है।
सिरगांव के आबादी क्षेत्र के पास ही जंगल भी लगा है। बृहस्पतिवार को पार्वती देवी पत्नी भवान सिंह बकरियों को चराने गई थीं। वह पांच साल के बेटे नंदन सिंह उर्फ निक्की को भी अपने साथ ले गईं। निक्की आंगनबाड़ी में पढ़ने भी जाता था। जंगल के काफी नीचे आग लगने से धुआं उठ रहा था, लेकिन खतरे की आशंका नहीं थी।
अपराह्न झुंड से एक बकरी कुछ दूर निकल गई। निक्की बकरी के पीछे चल दिया। इसी बीच हवा के तेज झोंके से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते मासूम आग में घिर गया। मां ने उसे बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन तब तक निक्की बुरी तरह झुलस चुका था।
परिजन उसे लेकर उपचार के लिए प्राथमिक अस्पताल धौलादेवी लाए। प्राथमिक उपचार के बाद डा. बीबी जोशी ने बच्चे को इलाज के लिए अन्यत्र ले जाने की सलाह दी। हल्द्वानी ले जाते वक्त रात में ही उसने काकड़ीघाट के निकट दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत से परिवार में कोहराम है।
निक्की की मौत पर विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पार्वती महरा, पूर्व अध्यक्ष मोहन सिंह महरा, ब्लाक प्रमुख पीतांबर पांडे, डीसीबी अध्यक्ष प्रशांत भैंसोड़ा, जिला पंचायत सदस्य निर्मला भैंसोड़ा, पूर्व सदस्य रमेश जोशी, धन सिंह मेहता, बिशन सिंह गैड़ा आदि ने दुख जताया है।