केंद्र सरकार द्वारा घरेलू गैस सिलेंडरों में दी जाने वाली सब्सिडी (डीबीटीएल) योजना उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। अधिकांश उपभोक्ताओं का कहना है कि सिलेंडर की डिलीवरी का मैसेज तो मिल रहा है, परंतु बैंक खाते में अनुदान की रकम नहीं जमा हो रही है। समय से सब्सिडी नहीं मिलने से उपभोक्ताओं में रोष है।
अल्मोड़ा नगर में इंडेन ऑयल कंपनी के गैस सिलेंडरों की आपूर्ति कुमाऊं मंडल विकास निगम की अल्मोड़ा और धारानौला गैस एजेंसी करती है। अल्मोड़ा गैस एसेंजी के तहत 33500 और धारानौला गैस एजेंसी में करीब सात हजार घरेलू गैस उपभोक्ता पंजीकृत हैं।
गत वर्ष डीबीटीएल योजना के लिए अल्मोड़ा गैस एजेंसी में करीब 28 हजार और धारानौला एजेंसी के छह हजार उपभोक्ताओं ने सत्यापन कराया था। सत्यापन के पश्चात उपभोक्ता गैस सिलेंडर की ऑन लाइन बुकिंग करवा रहे हैं।
सिलेंडर मिलने के बाद उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर सिलेंडर डिलीवर होने का मैसेज तो मिल रहा है, लेकिन खाते में सब्सिडी जमा नहीं हो रही है।
एनटीडी के गिरीश धवन, विवेकानंद पुरी के नवीन चद्र, धारानौला के महेश सिंह, लमगड़ा के दीवान सिंह, दन्यां के हेम चंद्र समेत दर्जनों उपभोक्ताओं ने बताया कि उनके बैंक खाते में पांच महीने से सब्सिडी की रकम नहीं आ रही है। खाते में सब्सिडी नहीं जमा होने से लोगों में रोष है।
उनका कहना है कि डीबीटीएल योजना से कोई फायदा नहीं है। इससे न तो समय पर गैस सिलेंडर मिल पा रहे हैं और न ही अनुदान की रकम। इससे तो पूर्व की व्यवस्था ही ठीक थी।
इधर अल्मोड़ा गैस एजेंसी के प्रबंधक राकेश कुमार ने बताया कि उपभोक्ताओं के खाते में सब्सिडी उनके कार्यालय से जमा नहीं होती है। उपभोक्ताओं द्वारा सत्यापन के समय उपलब्ध कराए बैंक खाते बंद पड़े होने अथवा खाता नंबर सही नहीं होने से भी संभवत: सब्सिडी नहीं पहुंच पा रही है।
जिन उपभोक्तओं के खाते में अनुदान की रकम जमा नहीं हो रही है वह कार्यालय आकर अपना सही बैंक खाता दर्ज करा सकते हैं।